October 24, 2020

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टोडाभीम – आईपीएस किशनसहाय ने कई विद्यालयों में की संगोष्ठी आयोजित,दिया मानवतावादी विश्व समाज की विचारधारा का संदेश


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टोडाभीम – आईपीएस किशनसहाय ने कई विद्यालयों में की संगोष्ठी आयोजित,दिया मानवतावादी विश्व समाज की विचारधारा का संदेश-

राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय ,निसूरा ,ईएमआरएस,रानोली,व नीरज मेमोरियल रानोली में”मानवतावादी विश्व समाज”विचारधारा की मीटिंग आयोजित की गई।मीटिंग को सम्बोधित करते हुए डीआईजी सीआईडी(सीबी)किशन सहाय आईपीएस ने कहा कि अंधविश्वास मुक्त,वैज्ञानिक दृष्टिकोण युक्त,परम्परागत धर्मविहीन,जातिविहीन,नस्लभेद मुक्त,साहसी,स्वस्थ,शिक्षित और उच्च नैतिक मूल्यों वाले”मानवतावादी विश्व समाज”का निर्माण करना,अपना प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए।इस विचारधारा से भारत सहित विश्व मानवता का भला है।यह एक युग परिवर्तनकारी विचारधारा है।यह विचारधारा अच्छे व न्यायिक प्रवृत्ति के लोगों को एकजुट करने व बढ़ावा देने के लिए आई है।
ईश्वर,अल्लाह,गॉड,देवी-देवता,फरिश्ते,आत्मा,स्वर्ग-नर्क,आध्यात्मिकता,भूत-प्रेत,जिन्न,डाकण,कच्चे कलवे,मूठ देना,शुभ-अशुभ,पवित्र-अपवित्र आदि सभी काल्पनिक बातों को उन्होंने अंधविश्वास बताया।
उन्होंने बताया कि ईश्वरवादी दृष्टिकोण,वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विपरीत है इसलिए ईश्वर की मान्यता वैज्ञानिक विकसित होने में बाधक है तथा बिना वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किए बिना कोई भी देश/समाज विज्ञान-तकनीकी में आगे नहीं बढ़ सकता।
उन्होंने बताया कि इजराइल,चीन,इंग्लैंड,अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया,स्वीडन,नॉर्वे सहित जो देश विज्ञान तकनीकी पर जोर दे रहे हैं वो विकास की दौड़ में आगे हैं और भारत,बांग्लादेश,पाकिस्तान,इंडोनेशिया आदि जो देश धार्मिक
अंधविश्वासों में उलझे हुए हैं वो पिछड़े हुए हैं।
उन्होंने बताया कि धार्मिक अंधविश्वासों पर होने वाले खर्चों को गरीब प्रतिभावान छात्र-छात्राओं व बीमारों की मदद,खेलकूद आदि पर खर्च करने के लिए कहा।उन्होंने जातिगत व्यवस्था,धर्मगत व्यवस्था व नस्लभेद को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाने का आव्हान किया।
गजराज भारती ने प्रक्टिकल करके जादू-टोने और अंधविश्वासों का खंडन किया।कैलाश सत्तावन,गोरी शंकर शर्मा सहित उपस्थित समस्त
स्टाफ व छात्र-छात्राओं ने मानवता पर लगे हुए छुआछूत के कलंक व अंधविश्वासों को खत्म करते हुए तथा उच्च नैतिकता व वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए,”मानवतावादी विश्व समाज”की विचारधारा को आगे से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
रमाकांत जैमिनी