October 30, 2020

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सिरसा ने औरंगजेब लेन के बोर्ड पर नहीं सिख सिद्धांत पर कालिख पोती : जसमीत


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सिरसा ने औरंगजेब लेन के बोर्ड पर नहीं सिख सिद्धांत पर कालिख पोती : जसमीत‎

नई दिल्ली 2 दिसम्बर (मनप्रीत सिंह खालसा):- दिल्ली कमेटी के प्रधान मनजिंदर सिंह सिरसा द्वारा औरंगजेब लेन के बोर्ड पर कालिख पोतने को सिखों ने गलत बताया है। शिरोमणी अकाली दल दिल्ली की यूथ विंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसमीत सिंह पीतमपुरा ने कहा कि सिरसा व उसके साथियों का व्यवहार हमेशा सिखों को हास्य का पात्र बनाने वाला तथा गैर जरूरी विवाद पैदा करने वाला रहा है। इस तरह से इतिहास के साथ गैर सहमति दिखाना फासीवादी सोच है। क्योंकि औरंगजेब ने जो कुछ किया वो सिख इतिहास का ऐसा अंग है,जिसे झूठलाया या भुलाया नहीं जा सकता। जसमीत ने सिरसा को गलीबाजी लड़के वाला व्यवहार छोड़कर कमेटी के प्रधान के पद की प्रतिष्ठा को बहाल रखने की नसीहत देते हुए कहा कि हर काम खबर या सुर्खियों के लिए करना छोड़ दो।

जसमीत ने सिरसा से सवाल पूछा कि औरंगजेब के नाम से गली का नाम हटाने से क्या गुरु तेग बहादर साहिब खुश होंगे ? क्या सिरसा ने लेन का नाम बदलवाने के लिए कभी एनडीएमसी से संपर्क किया था ? जसमीत ने कहा कि
इस बात को तो कभी नहीं भुलाया जा सकता कि औरंगजेब इस मुल्क का शासक था। जिसे गुरु गोबिंद सिंह जी ने उसके किए पापों के बारे ‘जफरनामें’ में चढदीकला से बताकर समझाया था कि औरंगजेब तू हार गया और मैं जीत गया। पर आज सिरसा ने गुरु गोबिंद सिंह की जीत को हार में बदल कर बड़ी बेअदबी की है। गुरु गोबिंद सिंह ने जिसकी परवाह नहीं की थी, उसके नाम पर लगे एक गली के बोर्ड पर कालिख पोत कर सिरसा ने सिख सिद्धांतों व भावनाओं पर कालिख पोत दी है। क्योंकि सिख धर्म विश्व का सबसे माडर्न तथा उदार धर्म माना जाता है। इसलिए ऐसी फासीवादी हरकतों से परहेज करना चाहिए था। जसमीत ने कहा कि यदि कालिख प्रकरण सिर्फ भाजपा से टिकट लेने के लिए अंजाम दिया गया था तो भाजपा दिल्ली के सिखों में अपना डिब्बा गोल समझे। क्योंकि कालिख पोतने वालों में से 3 भाजपा की टिकट के दावेदार,1 इनका छोटू तथा 1 कैमरामेन था। कोई भी आम सिख इनके साथ नहीं आया।