October 20, 2020

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सच सड़क से संसद तक

समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन करेंगे रिक्शा चालक


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प्रशासन समस्या का समाधान नहीं करता है तो आंदोलन करेंगे रिक्शा चालक
बिजनौर नहटौ शमीम अहमद /फहीम। ई-रिक्शा वैलफेयर एसोशियेसन की आयोजित बैठक मे वक्ताओं ने ई रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन कराने के आदेश को शासन का गलत फैसला बताया तथा इसका हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय लिया गया।
रविवार को नहटौर रोडवेज के निकट स्थित रिक्शा स्टैण्ड प्रांगण मे आयोजित बैठक के मुख्य अतिथि राजा अंसारी ने कहा कि रिक्शा चालक गरीब और मजदूर तबका है। वह दिनभर मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का तंगी मे गुजर बसर कर रहा है। ऐसे मे शासन द्वारा उन पर पंजीकरण कराने का आदेश सरासर गलत है और यह काला कानून है। उन्होने रिक्शा चालकों को विश्वास दिलाया कि वह उनका उत्पीड़न नही होने देगें। अधिकारियों से मिलकर समस्या का समाधान कराने का काम करेगें। यदि जरूरत पड़ी तो वह रिक्शा चालकों के साथ आंदोलन मे सबसे आगे खड़े होंगे। रिक्शा चालक यूनियन के संरक्षक जहीर रब्बानी ने कहा कि रिक्शा चालक एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करें और कानून के दायरे मे रहकर अपनी मांगों के लिये संघर्ष करें।यूनियन के सरंक्षक कामरेड गुलाम साबिर सिददीकी ने कहा कि हम शासन के ऐसे किसी आदेश को नही मानेगे जो गरीब रिक्शा चालकों के परिवार का निवाला छीन लेने का काम करे। उन्होने दो टूक कहा कि यदि शासन प्रशासन समस्या का समाधान नही करता है तो वह उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगें। जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। यूनियन अध्यक्ष सलीम सिददीकी ने कहा कि रिक्शा चालकों की लड़ाई सड़क से उच्च न्यायालय तक लड़ी जायेगी और शासन के इस काले कानून का हर स्तर पर विरोध किया जायेगा। बैठक मे प्रतिनिधि मंडल बनाकर प्रदेश के परिवहन मंत्री अशोक कटारिया, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त से मिलकर रिक्शाओं का पंजीकरण नगरपालिका द्वारा कराने की मांग करने का निर्णय लिया गया। कामरेड गुलाम साबिर की अध्यक्षता और असद फारूकी के संचालन मे आयोजित बैठक मे मल्लन सिददीकी, करन प्रजापति, आसिम रशीद, तनवीर सिददीकी, जावेद जाट, अशोक कुमार, जहीर कुरैशी, गोपाल, अतीक अहमद, पप्पू सैनी, रोहताश सिंह, चव्वा कुरैशी, राजेश सैनी, भोलू सैनी, अमीर अहमद, अंकुश वाल्मीकि, सरदार सुरेश सिंह, अनीस अहमद, जमील अहमद, इदरीश अहमद, रिंकू बाल्मीकि, ब बाल्मीकि, रईस गुडडू, हरीचन्द्र, मौ. यामीन, किशन सहित सैकड़ों रिक्शा चालक मौजूद थे।