November 1, 2020

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गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व पर नगर कीर्तन निकाला गया, आज सजेगा दीवान


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गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व पर नगर कीर्तन निकाला गया, आज सजेगा दीवान

गुरु तेग बहादुर जी जैसी शहादत ना कोई हुई है ना हो सकती है – सिरसा, कालका

नई दिल्ली 1 दिसम्बर (मनप्रीत सिंह खालसा);- शहीदों के सरताज, हिन्द की चादर साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व को समर्पित होकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी द्वारा नगर कीर्तन निकाला गया, कल गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब के लख्खीशाह बंजारा हाल मंे दीवान सजाया जायेगा।
नगर कीर्तन गुरु तेग बहादुर साहिब के शहीदी स्थान गुरुद्वारा शीश गंज साहिब से शुरु होकर कोड़ियापुल, टाउन हाल, नई सड़क, चावड़ी बाजार, अजमेरी गेट, पहाड़ गंज, गुरुद्वारा बंगला साहिब, पंत मार्ग होता हुए देर शाम को गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में समाप्ति हुआ।
नगर कीर्तन गुरु ग्रन्थ साहिब की छत्रछाया और पांच प्यारे साहिबान की अगुवाई में निकाला गया जिसमें गुरु हरिकृष्ण पब्लिक के बच्चे गुरु तेग बहादुर सिमरिएै, घर नउ निधि आवै धाये, सतनाम वाहेगुरु का जाप करते हुए चलते दिखाई दिये, सलोक महला 9 की बाणी का कीर्तन भी बच्चों द्वारा किया जा रहा था। बच्चों ने गले में तख्तियां पहनी हुई थी जिस पर गुरु तेग बहादुर साहिब की बाणी, और गुरु साहिबान के संदेश लिखे हुए थे। इसके इलावा शब्दी जत्थे कीर्तन करते हुए चल रहे थे और गतका पार्टियो द्वारा गतके के जौहर दिखाए गये।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के अध्यक्ष मनजिन्दर सिंह सिरसा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब ने जो शहादत दी थी उसकी कोई दूसरी मिसाल ना तो हुई है और ना ही हो सकती है। गुरु साहिब स्वयं ना तो तिलक लगाते थे, और ना ही जनेउ धारण करते थे पर उन्होंने कश्मीरी पण्डितों की फरियाद पर तिलक और जनेउ की रक्षा के लिए अपनी शहीदी दी, हिन्दु धर्म को बचाया। उन्होंनेे कहा अगर गुरु साहिब ने शहीदी ना दी होती तो इस देश में आज केवल एक ही धर्म रह जाता। उन्होंने बताया कि दिल्ली के चांदनी चैंक में लाकर उस समय के मुगल बादशाह औरंगजेब ने गुरु साहिब को शहीद किया जहां पर आज गुरुद्वारा शीश गंज साहिब स्थित है। सः सिरसा ने कहा हमें गुरु साहिब की शहीदी के बारे में लोगों को बताना चाहिए, अपने बच्चों को जानकारी देनी चाहिए। उन्हांेने इस बात पर भी अफसोस जताया कि आज इतिहास की किताबों में बच्चों को जुल्म करने वाले औरंगजेब का इतिहास तो पढ़ाया जाता है पर मानवता की रक्षा करने वाले, जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने वाले, जुल्म का खात्मा करने वाले गुरु तेग बहादुर जी के बारे में कोई जिक्र नहीं किया जाता।
दिल्ली कमेटी महासचिव हरमीत सिंह कालका ने बताया कि कमेटी द्वारा फैसला लिया गया जिसके तहत आज नगर कीर्तन में स्कूलों के बच्चों को सबसे आगे चलाया गया और उनके पीछे पालकी साहिब और बाद में गतका पार्टियां और शब्दी जत्थों को लगाया गया।
नगर कीर्तन में दिल्ली कमेटी की वरिश्ठ उपाध्यक्षा बीबी रणजीत कौर, हरविन्दर सिंह केपी तख्त श्री पटना साहिब के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह हित, कमेटी सदस्य जतिन्दरपाल सिंह गोल्डी, सरवजीत सिंह विरक, हरजीत सिंह पप्पा, अमरजीत सिंह पिंकी, जसमीन सिंह नौनी, आत्मा सिंह लुबाणा, कुलदीप सिंह भोगल, रविन्दर सिंह खुराना, जसप्रीत सिंह विक्की मान सहित बड़ी गिनती में संगतों ने पहुंचकर नगर कीर्तन में भाग लिया।