October 23, 2020

BBC LIVE NEWS

सच सड़क से संसद तक

इटखोरी- पाँच सालों का विकास तय करेगा विधायक, वोट की चोट से जवाब देगी जनता


Notice: Trying to get property of non-object in /home/innpicom/public_html/wp-content/themes/newsium/inc/hooks/hook-single-header.php on line 71

पाँच सालों का विकास तय करेगा विधायक, वोट की चोट से जवाब देगी जनता

इटखोरी: सिमरिया विधानसभा का चुनाव बहुत ही दिलचस्प हो गया है। प्रत्याशियों जनसंपर्क अभियान चला कर जनता के बीच पहुंच रहे हैं। और अपने पक्ष में मतदान करने के लिए हाथ पैर जोड़ते घूम रहे हैं। मगर सिमरिया विधानसभा पर नज़र डाली जाये तो पिछले पाँच वर्षों में कोई भी अपेक्षित विकास यहाँ देखने को नहीं मिला है। आज भी जनता की समस्याएँ जस की तस हैं। इटखोरी,मयुरहंड, गिद्धौर, सिमरिया, टंडवा, पत्थलगड्डा समेत तमाम प्रखंड आज भी अपनी बदहाली के लिए पिछले पाँच वर्षों में विधायक मद से न हुए विकास के लिए आँसू बहा रही हैं। आज भी थोड़ी सी बरसात होने से ही जर्जर सड़कों पर इतना जल भराव हो जाता हैं कि लोगों को चलना भी दुर्लभ हो जाता हैं। अब देखना होगा कि आगमी विधायक क्या क्षेत्रीय जनता का विकास करा पायेंगे, या बदहाली का ये सिलसिला यूँही जारी रहेगा।

दिलचस्प होगा मुकाबला

सिमरिया विधानसभा में चतुर्थ कोणीय संघर्ष को देखते हुए काँग्रेस से प्रत्याशी व पूर्व विधायक योगेंद्र नाथ बैठा, आजसू से मनोज चंद्रा, जेवीएम से रामदेव सिंह भोक्ता और भाजपा से किशुन दास के बीच काँटे की टक्कर है। और चारों ही दिग्गज एवं प्रतिष्ठित उम्मीदवार हैं।

किसके सिर पर सजेगा ताज

सिमरिया विधानसभा की क्षेत्रीय जनता ने विकास के विश्वास पर लगातार दो बार जेवीएम प्रत्याशी को विधानसभा पहुँचाया था। लेकिन विधायक जी जनता की उम्मीदों पे खरे नहीं उतरे, इस बार फिर जेवीएम से रामदेव सिंह भोक्ता चुनाव मैदान में हैं। अब देखना होगा कि क्या जेवीएम प्रत्याशी एक बार फिर जनता का रुख अपनी ओर मोड़ पायेंगे। या क्षेत्रीय जनता कंघी को छोड़ महागठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी योगेंद्र नाथ बैठा जिनका सिमरिया की क्षेत्रीय जनता के विकास और समाजसेवा से शुरू से ही लगाव रहा है, उनको को मौका देती है। या भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता कहे जाने वाले किशुन दास को विधानसभा ले जायेगी। या हर बार अलग अलग पार्टी से किस्मत आजमाते आ रहे मनोज चंद्रा के सिर सजेगा ताज।

इटखोरी से महेश कुमार की रिपोर्ट