October 28, 2020

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ग्रामीणों ने कृषि विभाग, जलदाय विभाग तथा विद्युत विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन ,ग्रामीणों में भारी रोष


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टोडाभीम

ग्रामीणों ने कृषि विभाग, जलदाय विभाग तथा विद्युत विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन ,ग्रामीणों में भारी रोष

टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र में खाद विक्रेताओं द्वारा की जा रही है मनमानी। कृषि विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे वैठै हुए हैं ।हर बर्ष किसानों का आर्थिक शोषण होता रहता है। आखिर में किसानों के साथ अन्याय कब तक चलता रहेगा। क्या इस समस्या से कृषि अधिकारी निजात दिला पाएंगे । या फिर इसी तरीके से खाद बीज विक्रेताओं का कालाबाजारी का कार्य चलता रहेगा। यह क्रियान्वित विगत कई वर्षों से लगातार चलती आ रही है। क्षेत्र के ग्रामीणों में इस कालाबाजारी के चलने से रोष व्याप्त है। टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत भीलवाड़ा के निवासियों ने बताया टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र में 300 से ₹400 तक का यूरिया कट्टा बेटा जा रहा है जिसको किसान लेने में असमर्थ है ।विक्रेता धड़ल्ले से कर रहे हैं कालाबाजारी। इस गांव के नवयुवक एवं किसानों ने बताया हमारे यहां पर विद्युत सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है और अधिकतर विद्युत रात्रि को आती है जिससे हम सब लोग परेशान हैं। इस गांव आयुर्वेदिक औषधालय भी समय पर नहीं खुल पाता है। इस गांव के अंदर विद्युत विभाग की लापरवाही से विद्युत विभाग के तार झूल रहे हैं। विद्युत विभाग की अनियमितताओं के कारण कट कट कर लाइट आ रही है कभी 1 घंटे आती है कभी 3 घंटे में फिर झटके दे जाती है। विभाग के आला अधिकारी मौन बैठे हुए हैं। इसी प्रकार इस ग्राम के अंदर जलदाय विभाग के अधिकारियों का ध्यानाकर्षण नहीं है। जलदाय विभाग द्वारा भीलवाड़ा गांव में कोई व्यवस्था नहीं है। जलदाय विभाग जल की किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। यहां पर सिर्फ एक ही बोरवैल एवं सिघल फेस का ट्रांसफर है तथा पाइप लाइन जगह जगह टूटी पड़ी है ।कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन कुछ भी व्यवस्था नहीं हो पाई है । इस गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। आखिर जलदाय विभाग द्वारा चुप्पी क्यों साध रखी है। ऐसे तमाम सवाल कृषि विभाग, जलदाय विभाग,विघुत विभाग तथा औषधालय की अनियमितता पर खड़े हो रहे हैं। भारत सरकार एवं राज्य सरकार दोनों ही किसानों उत्थान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है दुसरी तरफ़ किसानों के प्रति कृषि विभाग,विघुत विभाग, एवं जलदाय विभाग के अधिकारियों अनदेखी की जा रही है । ऐसे में किसानो का भला कैसे हो सकता है ।अब देखना यह है कि उक्त सभी विभागो कें आला अधिकारी कुछ करपाते है या नहीं।

रमाकांत जैमिनी