October 28, 2020

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बिजनौर – युवतियां किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं है: डीएम


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युवतियां किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं है: डीएम
बिजनौर शमीम अहमद। प्रतिभा और अर्हता किसी की i जागीर नहीं है, यह मेहनत, लगन और धैर्य से प्राप्त होने वाले ऐसे गुण हैं, जिनके आधार पर बिना लिंग के भेदभाव के कोई भी व्यक्ति अपनी विशिष्ठ पहचान बना सकता है-जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय जिलाधिकारी रमाकांत पाण्डेय ने कहा कि प्रतिभा और अर्हता किसी जागीर नहीं है, यह मेहनत, लगन और धैर्य से प्राप्त होने वाले ऐसे गुण हैं, जिनके आधार पर बिना लिंग के भेदभाव के कोई भी व्यक्ति अपनी विशिष्ठ पहचान बना सकता है। उन्होनंे कहा कि नारी का सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास तभी सम्भव है, जब उनमें शिक्षा, आत्मविश्वास और कुशल एवं शालीन अभिव्यक्ति के गुण हों। उन्होनंे कहा कि आज की नारी/युवतियों ने इन्हीं गुणों से सुसज्जित होकर समाज में अपनी विशिष्ठ पहचान बनाई है और जीवन में कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं जहां हमारी बेटियां अपनी प्रतिभाअेां और अर्हता के बल पर समाज एंव राष्ट्र के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान न दे रही हों। यही कारण है कि आज युवतियां किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं है और अपनी प्रतिभाओं के द्वारा इस सत्य को व्यवहारिक रूप से प्रमाणित कर रही हैं कि उनके बिना समाज एवं राष्ट्र के विकास का सपना बेमानी है।
जिलाधिकारी श्री पाण्डेय आज भारत सरकार द्वारा संचालित “बेटी बचाव-बेटी पढ़ाओ“ जन जागरूकता के अन्तर्गत स्थानीय नेहरू स्टेडियम में आयोजित मानव श्रंखला कार्यक्रम के आयोजन के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
उन्होनंे कहा कि आज की नारी ने अपने शैक्षिक विकास और आत्मविश्वास से उस प्राचीन धारणा को समाप्त कर दिया है, कि नारी समाज पर एक बोझ है। जिलाधिकारी ने कहा कि भारत देश पौराणिक संस्कृति के साथ-साथ महिलाओ के सम्मान और इज्जत के लिए जाना जाता था, लेकिन बदलते समय के साथ लोगो की सोच में भी बदलाव आ गया है, जिसके कारण अब बेटियों ओर महिलाओं के साथ एक समान व्यवहार नही किया जाता है। जिलाधिकारी ने कहा कि जन्म के बाद लडकियों को कई तरह के भेदभाव से गुजरना पडता है, जिससे महिलाएंे सशक्त होने के बजाय अशक्त हो जाती है। उन्होने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने और जन्म से ही अधिकार देने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाऐ चलाई जा रही है जिसका फायदा महिला किसी भी समय उठा सकती है।
जिलाधिकारी श्री पाण्डेय ने अपने सम्बोधन में कहा कि वर्ष 1980 से पूरे भारत में लिगानुपात दिन प्रतिदिन गिरता गया और आज परिणाम यह है कि पुरूषों की तुलना में महिलाओं की संख्या  बहुत कम हो गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि अल्ट्रा-सोनोग्राफी और फोटोस्कोप की मदद से भ्रूण के लिंग का पता लगाया जाता है और अगर भू्रण में कन्या है तो उसका गर्भपात करा दिया जाता है। उन्होने कहा कि कन्या भूर्ण की हत्या एक जघन्य अपराध तो है ही, मानवता और प्रकृति के प्रति भी अत्यन्ता निदंनीय कार्य है। इससे एक ओर प्राकृति लिंग अनुपात में असंतुलन पैदा होता है वहीं दूसरी ओर मानवीय मूल्यों का भी ह्रास होता है। जिलाधिकारी ने बेटी बचावो-बेटी पढ़ाओ के अन्तर्गत कहा कि इस समस्या का समाधान केवल कार्यशाला से ही सम्भव नहीं है, बल्कि जन सामाबन्य को लिंग अनुपात के संकट के प्रति जागरूक करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होने कहा कि देश की लगभग आधी आबादी महिलाओं के सशक्तीकरण और सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा बड़े कदम उठाये जा रहे है, जिसके अन्तर्गत बेटी पढाओं-बेटी बचाओं योजना का विस्तार भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल महिलाओं को पढाना ही नही बल्कि लिंगानुपात को सामान करना है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के0पी0 सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियां पूरे आत्मविश्वास के साथ शिक्षा ग्रहण करें और अपनी प्रतिभाओं से समाज के विकास एवं निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर प्रमाणित करें कि उनके प्रति समाज की धारणा गलत है। उन्होंने कहा कि अद्र्वमानवता को नजरअंदाज कर कोई भी समाज न तो सभ्य समाज कहलाए जाने का पात्र है और न ही विकास के सपने को साकार रूप प्रदान हो सकता है।
कार्यक्रम का सफल संचालन आसिफ गय्यूर द्वारा किया गया।
जिलाधिकारी द्वारा आकाश में गुब्बारे छोड़ कर मानव श्रंखला कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा “बेटी बचाव-बेटी पढ़ाओ“ से संबंधित उनके द्वारा सामुहिक रूप से शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर छात्राओं द्वारा नारी सशक्तिकरण पर भाषण और गीत प्रस्तुत किए गए। श्रंखला का समापन विकास भवन पर किया गया, जहां जिलाधिकारी द्वारा मानव श्रखंला का भव्य आयोजन करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों, सहयोगियांे का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
मानव श्रंखला में स्कूल की छात्राअेां के अलावा एएनएम, आशा, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, महिला सफाई कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, एनसीसी कैडेट आदि मौजूद थे।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक शरद त्यागी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एस के निगम, जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार, जिला प्रोवेशन अधिकारी, जिला सूचना एंव विज्ञान अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं एनजीओ मौजूद थे।