October 26, 2020

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पराली जलाने के आरोप में किसानों पर दर्ज केस वापस लिए जाएं: हरियाणा के 19 किसान संगठनों ने सर्वसम्मति से की मांग


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पराली जलाने के आरोप में किसानों पर दर्ज केस वापस लिए जाएं: हरियाणा के 19 किसान संगठनों ने सर्वसम्मति से की मांग

• पराली के बहाने हरियाणा के किसानों की प्रताड़ना बंद हो, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं
• रोहतक बैठक में हरियाणा के 19 किसान संगठनों ने सर्वसम्मति से की मांग
• हरियाणा स्तर पर अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के गठन की घोषणा
• 29 और 30 नवंबर को दिल्ली अधिवेशन में भाग लेंगे हरियाणा के सभी किसान संगठन।

नई दिल्ली 23 नवम्बर (मनप्रीत सिंह खालसा):- आज रोहतक में हरियाणा के सभी प्रमुख 19 किसान संगठनों की बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव किया गया कि पराली जलाने के नाम पर प्रदेश के किसानों की प्रताड़ना बंद हो और सभी किसानों पर लगाए मुकदमे तत्काल वापस दिए जाएं। पराली जलने की जिम्मेवारी किसान की नहीं बल्कि सरकार की नीतियों की है, और इसे बंद करवाने की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए।

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के तत्वावधान में हरियाणा के 19 किसान संगठनों की बैठक आज रोहतक के जसबीर भवन में बुलाई गई। इस बैठक में यह निर्णय हुआ कि यह सभी संगठन राज्य स्तर पर किसानों का एक समन्वय बनाएंगे और इस माध्यम से प्रदेश में किसान आंदोलन को जोड़ने का काम किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए आगामी 9 दिसंबर को रोहतक में इन सभी और अन्य तमाम राज्य स्तरीय किसान संगठनों की बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में हरियाणा में किसान आंदोलन की रूपरेखा और राज्य स्तरीय समन्वय समिति के ढांचे पर फैसला किया जाएगा।

बैठक में मौजूद सभी संगठनों ने 29 और 30 तारीख को दिल्ली में कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने का निर्णय लिया। इस अधिवेशन में देशभर के किसान आंदोलन की दशा और दिशा पर विचार कर भारतीय किसानों का मांग पत्र और आंदोलन की कार्य योजना तैयार की जाएगी।

आज की बैठक में राष्ट्रीय समन्वय के प्रतिनिधि के बतौर योगेन्द्र यादव, सत्यवान और प्रेम सिंह गहलावत ने भाग लिया। प्रदेश के किसान संगठनों में अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से कॉमरेड इंद्रजीत और फूल सिंह श्योकांद, अखिल भारतीय किसान महासभा से सुखविंदर सिंह, ऑल इंडिया किसान मजदूर खेत संगठन के अनूप सिंह और जयकरण दलाल, जम्हूरी किसान सभा से मनदीप सिंह नथवान, भारतीय किसान यूनियन (घासीराम नैन) से जिया लाल, भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) से सत्यवान नरवाल, जय किसान आंदोलन से युद्धवीर सिंह अहलावत और राजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन से राजेंद्र आर्य, भूमि बचाओ संघर्ष समिति से शमशेर सिंह और रण सिंह दहिया, हरियाणा स्वाभिमान से महेंद्र सिंह दहिया और विजेंद्र सिंह, अखिल हरियाणा एमएसपी संघर्ष समिति से प्रदीप धनकड़ ने भाग लिया। इनके अलावा अखिल भारतीय किसान सभा (अजय भवन) की ओर से सतपाल बेनीवाल, हरियाणा किसान मंच हिसार के रमेश, डबवाली किसान यूनियन से मिट्ठू , अखिल हरियाणा स्वामीनाथन संघर्ष समिति से विकल पचार, किसान संघर्ष समिति गोरखपुर से हंसराज सिवाच, संयुक्त किसान मोर्चा दादरी से रमेश दलाल, किसान क्रांति कुनबा भिवानी से सुशील वर्मा, किसान पाठशाला बाढड़ा से विषम कुमार और संयुक्त किसान मोर्चा से दलीप सिंह सांगवान ने भी इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सहमति प्रदान की।