July 6, 2020

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पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन परिसर बना सट्टा माफियाओं की सुरक्षित पनाहगाह, पुलिस संरक्षण में चल रहा है सट्टा

पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन परिसर बना सट्टा माफियाओं की सुरक्षित पनाहगाह।

जीआरपी पुलिस थाने के बिल्कुल पीछे हो रहा है सट्टे का कारोबार।

हम आपको बता दें की इस सट्टा कारोबार से पुलिस अनजान नहीं है, बल्कि एक पुलिसकर्मी  अपनी पनाह में चलवा रहा हैं यह पूरा सट्टा।

क्या है पूरा मामला और कौन है इसके करने वाले आइए सिलसिलेवार हम आपको बताते हैं

हरि शंकर उर्फ खटका इनका सरगना है अजीत प्रधान और लाला इसमें दो पार्टनर और भी है। पुरानी दिल्ली जीआरपी थाने के बिल्कुल पीछे टिकट घर के पास में ही सट्टा , ताश, व घोड़ी दाने का खेल दोपहर 2:00 बजे से लेकर रात 4:00 बजे तक चलता रहता है।

पूर्व में भी पटनिया नामक एक सट्टेबाज का सट्टा बीबीसी लाइव न्यूज़ द्वारा बंद कराया जा चुका है। जो सट्टा यही रेलवे परिसर में ही चल रहा था जिसके बारे में हमारे द्वारा डीसीपी जीआरपी को व एसएचओ पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन को जानकारी दी गई थी, जिसके बाद यह काम तत्काल बंद हो गया था।

यहां हम आपको बता दें की जहां यह सट्टा चलता है वहां पास में ही दिल्ली पुलिस का बैरियर लगा रहता है यहां रोजाना लाखों रुपए का सट्टा आसपास के काम करने वाले गरीब मजदूर रिक्शा ऑटो वाले खेलते हैं और अपनी गाड़ी खून पसीने की कमाई यहां कमा कर चले जाते हैं, यह पूर्णतया स्पष्ट है कि यह पूरा मामला पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पुलिस की जानकारी और शय पर ही चल रहा है
हालांकि इसमें जब भी उच्च अधिकारियों को बताया जाता है तो कुछ समय के लिए सट्टे का यह काम बंद हो जाता है, मगर कुछ दिन बाद पुनः थोड़ी सी जगह इधर-उधर करके इस काम को दोबारा चालू कर दिया जाता है।

20/11/2019 भी हमारे द्धारा पुरे मामले की जानकारी DCP रेलवे और SHO पुरानी दिल्ली को दी गई और प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सट्टा तत्काल बंद भी करा दिया गया है

22/11/2019 को हमारे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पटनईया और खटका दोनों का ही सट्टा जोर शोर से 1 दिन बंद रहने के बाद कल फिर चालू करा दिया गया। इस बारे में जब हमने एसएचओ पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन को बताया तो उन्होंने कहा कि यह बीट रजनीश की है, और यह सट्टा हमने बंद करा दिया गया है, उसके बाद उन्होंने अपने फोन से हमारी रजनीश से बात कराई जो लगातार हमें उस मुखबिर का नाम बताने की के लिए दबाव डालता रहा जो हमें यह सूचना दे रहा है, रजनीश का कहना है कि यह बिल्कुल गलत है हमारे यहां कोई सट्टा नहीं चल रहा जबकि हमारे सूत्रों के अनुसार हमारा फोन जाने के बाद इन्होंने पटनईया को और उसके लड़कों को लठमार करके भगा दिया मगर उन्हें गिरफ्तार करके कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की। और खटका नाम का जो दूसरा सट्टेबाज है उसकी तरफ तो पुलिस गई भी नहीं। बड़ा सवाल यह है क्या पुलिस ऐसे ही अपनी पनाह में पल रहे गलत कामों की जानकारी देने पर नकारती रहेगी और आला अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहेंगे, जबकि दिल्ली पुलिस के बड़े अफसरों के पास इतना बड़ा संगठन और ईमानदार अफसर हैं कि वह चाहें तब तो केवल 1 घंटे में ही पूरे प्रकरण की सच्चाई की जानकारी ले सकते हैं।

बड़ा सवाल यह है कि क्या पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन परिसर सहित पूरी दिल्ली में सट्टे का अवैध कारोबार हो रहा है जिसमें रोजाना करोड़ों रुपए दांव पर लगे रहते हैं और पुलिस भी इससे भली-भांति परिचित है, क्या इसको स्थाई रूप से रोकने के लिए कोई कार्रवाई होगी।

दिल्ली से बीबीसी लाइव के लिए राकेश गुप्ता की विशेष रिपोर्ट