October 24, 2020

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अगर हमारे बच्चों को पेपर देने से रोका तो किसी के भी बच्चे को पेपर नहीं देने देंगेः सिरसा


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अगर हमारे बच्चों को पेपर देने से रोका तो किसी के भी बच्चे को पेपर नहीं देने देंगेः सिरसा

मामला सिख ककार पहन कर बच्चों को परीक्षा में ना बैठने देने का

शिरोमणी अकाली दल द्वारा डी.एस.एस.एस.बी के दफतर के बाहर ज़ोरदार रोष प्रदर्शन

केजरीवाल सरकार व चेयरमैन तुरंत जरूरी कदम उठायें

नई दिल्ली, 18 नवंबर (मनप्रीत सिंह खालसा):- शिरोमणी अकाली दल द्वारा सिख ककार पहन कर सिख बच्चों को परीक्षा में ना बैठने देने के विरोध में आज दिल्ली अधीनस्थ सेवा परीक्षा बोर्ड के दफतर के बाहर ज़ोरदार रोष प्रदर्शन किया गया।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों एक सिख बच्ची व सिख नौजवान को डी.एस.एस.एस.बी की परीक्षा में बैठने से इसलिए रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने सिख ककार पहने हुए थे।
इस विशाल धरने को संबोधित करते हुए दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष और शिरोमणी अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार हाईकोर्ट के आदेशों के बावजुद सिख बच्चांे से उस वर्ष में अन्याय कर रही है जब पूरी दुनिया में गुरु नानक देव जी के 550वां प्रकाश पर्व मना रही है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि सिख ककार पहनने वाले बच्चों को परीक्षा में बैठने से रोका नहीं सकता है पर ऐसे बच्चे परीक्षा के लिए एक घंटा पहले परीक्षा केन्द्र में आयें।
श्री सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंदर केजरीवाल, शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और डी.एस.एस.एस.बी के चेयरमैन द्वारा जानबुझ कर सिख बच्चांे का भविष्य तबाह करने की साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात पैदा किये जा रहे हैं कि सिख बच्चे ककार पहन कर ना आयें पर ऐसा कभी भी संभव नहीं हो सकता क्योंकि जैसे शरीर के लिए कपड़े जरूरी हैं वैसे ही सिखों के लिए ककार भी बहुत जरूरी है।
दिल्ली कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि हैरानीजनक है कि जब इस देश की आज़ादी के लिए सिख संघर्ष कर रहे थे तो उस समय कड़ा, किरपान व सिख ककार स्वीकृत थे पर अब इन्हें सिख ककारों से एतराज़ होने लग गया है जब सिख बच्चे अपने जीवन में तरक्की के लिए परीक्षा देने जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे साथ बार-बार ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चेयरमैन जानबूझ कर सांप्रदायिक सोच धारण किए हुए है। बच्चों को ककार उतारने के लिए बेइज्जत किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यह अधिकारी बतायें कि कड़ा व किरपान नकल कैसे कर सकते हैं?
स. हरमीत सिंह कालका ने इस मौके पर संबोधित करते हुए ऐलान किया कि अगर सिख बच्चों को परीक्षा केन्द्रों में जाने से रोका गया तो फिर वह किसी भी बच्चे को परीक्षा में बैठने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि आज हमनें बोर्ड के दफतर के बाहर धरना दिया है पर जरूरत पड़ने पर दफतर के अंदर और परीक्षा केन्द्रों मे दाखिल होकर अपना हक हासिल करेंगे। फिर चाहे हमारे ऊपर मुकद्दमें दर्ज हो जायें हमें कोई परवाह नहीं क्यांेकि सिख कौम कभी दबती नहीं । उन्होंने कहा कि आज का धरना सिर्फ एक चेतावनी है व अब केजरीवाल सरकार को सुनिश्चित करना है कि किस तरह हाईकोर्ट के आदेशोें को लागू करना है तांकि सिख बच्चोें को ककार सहित परीक्षा देने के रास्तें में कोई अड़चन ना आये।
धरने के पश्चात श्री सिरसा की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने चेयरमैन दफतर में जा कर चेयरमैन के सैक्रटरी को मांगपत्र सौंपा और चेयरमैन ने टैलिफोन पर हुई बातचीत के दौरान भरोसा दिलाया कि यह मांत्रपत्र बोर्ड की मीटिंग में पेश किया जायेगा।
इस मौके पर विशेष तौर पर पहुंची बच्ची हरलीन कौर ने अपनी आप बीती सुनाई कि कैसे उसे डी.एस.एस.एस.बी बोर्ड के अधिकारियों ने किरपान व कड़ा पूरी तरह टेप से ढकने के बाद भी परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। बच्ची ने दिल्ली कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा, हरमीत सिंह कालका सहिब पूरा टीम का धन्यवाद किया जो उसकी आवाज़ को सरकार तक पहुंचाने में उसके साथ खड़े हुए। उन्होंने खासतौर पर धन्यवाद किया लीगल सैल के चेयरमैन जगदीप सिंह काहलों का जो पेपर वाल दिन एक फोन काॅल पर ही मौके पर पहुंच और उसे हौंसला दिया व पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराने में भी उसकी मदद की।
अकाली नेताओं ने दुबारा दोहराया कि अगर हमारा बच्चा परीक्षा नहीं देगा तो किसी का बच्चा परीक्षा नहीं देगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सरकार के कान खुलेंगे।
इस मौके पर अन्यों के अलावा स्त्री अकाली दल दिल्ली राज्य की अध्यक्ष और दिल्ली कमेटी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीबी रणजीत कौर, हरजीत सिंह पप्पा, निशान सिंह मान, भुपिंद्र सिंह भुल्लर, जसमीन सिंह नोनी, जतिंद्रपाल सिंह गोलडी, सरबजीत सिंह विरक सहित बड़ी गिनती में अकाली दल सदस्य मौजूद रहे।