October 26, 2020

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सिख बच्चों को कृपाण व कड़े सहित परीक्षा में बैठने से रोकने पर जताया अनूठा विरोध


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सिख बच्चों को कृपाण व कड़े सहित परीक्षा में बैठने से रोकने पर जताया अनूठा विरोध

रोजगार निदेशालय पर “सिखों को नौकरी का अधिकार नहीं” का लगाया बोर्ड

नई दिल्ली 18 नवम्बर(मनप्रीत सिंह खालसा):- दिल्ली के सिख बच्चों के साथ सरकारी नौकरी से पहले की परीक्षा के दौरान दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) के द्वारा किए जा रहें धार्मिक भेदभाव के खिलाफ सिखों ने आज विरोध प्रदर्शन का अनूठा तरीका अपनाया। धार्मिक भेदभाव की कथित दोषी डीएसएसएसबी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की बजाए, सिखों ने रोजगार पोर्टल चलाने वाले रोजगार निदेशालय के दफ्तर पर बोर्ड लगाया कि सिखों को नौकरी का अधिकार नहीं है। ‘जागो’ पार्टी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष तथा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने रोजगार निदेशालय, पूसा पर “सिखों को सरकारी नौकरी का अधिकार नहीं” का बोर्ड लगाते हुए साफ कहा कि हम मजबूर नहीं है, लेकिन अफसरशाही को जगाने को यह हमारी “जागोगिरी” है। जहां भी सिखों के साथ अन्याय होगा, वहाँ जागो पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से अन्याय के दोषीयों को ऐसे ही जगाएगी। हमारा मकसद अपनी बात को सोई हुई सरकार तक पहुँचाने का है।

इससे पहले जागो-जग आसरा गुरु ओट(जत्थेदार संतोख सिंह) पार्टी के पदाधिकारियों तथा समर्थकों ने आईटीआई पूसा पर एकत्रित होकर सतनाम-वाहेगुरु का जाप करते हुए रोजगार निदेशालय की ओर चलना शुरू किया। इस “अन्याय विरोधी मार्च” में आगे चल रहें सिख नौजवानों ने हाथों में तख्तीयां पकड़ रखी थी, जिस पर नारे लिखे थे। “सुन ले सरकार,ककार पहले,नौकरी पीछे”, “संविधान ने दिया हक,सरकारों की बुरी नीयत चक्क”, “दिल्ली में सिखों को सरकार नौकरी का अधिकार नहीं”, “जिस कृपाण ने बहू-बेटियों की इज्जत बचाई, आज वो सरकारी तंत्र को नहीं भायी”, “साड्डा हक-ऐथे रख्ख” तथा “साम्प्रदायिक सोच हारेगी,कृपाण जीतेगी” जैसे नारे लिखे थे। जीके ने प्रदर्शनकारीयों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली का सरकारी तंत्र सिख बच्चों को सरकारी नौकरी प्राप्त करने से रोकने के लिए प्रयासरत है। इसलिए हम आज सरकार के मंसूबों को पुरा करने के लिए रोजगार निदेशालय आए है। क्योंकि हर बेरोजगार को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले यहाँ पर अपने आपको पंजीकृत करना जरूरी है।

जीके ने कहा कि हम रोजगार निदेशक से आग्रह करने आए है कि सिख बच्चों का पंजीकरण ही बेरोजगार के तौर पर करना बंद कर दो, क्योंकि डीएसएसएसबी सिख बच्चों को सरकारी नौकरी करते नहीं देखना चाहती। जीके ने हैरानी जताई कि आज अपने देश में ही सिख के कड़ा तथा कृपाण को संदिग्ध वस्तु के तौर पर देखा जा रहा है। कल तक यहीं ककार देश के दुश्मनों तथा हमलावरों को डराते थे, आज यह सरकारी तंत्र को नकल करने के औजार लगते है। जीके ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ककार भी डालेगें और सरकारी नौकरी भी करेंगे। देखते है, कौन सी ताकत हमें रोकती है ? संविधान के दिए अधिकार को कोई हमसे नहीं छीन सकता। जीके ने इस संबंधी एक ज्ञापन जागो पार्टी की ओर से दिल्ली के उपराज्यपाल के पास भेजने की भी जानकारी दी। इस मौके पार्टी के महासचिव परमिंदर पाल सिंह, दिल्ली कमेटी सदस्य हरजीत सिंह जीके, विधार्थी विंग की अध्यक्ष तरनप्रीत कौर, स्त्री नेत्री तरविंदर कौर खालसा, जसविंदर कौर, अमरजीत कौर पिंकी,हरप्रीत कौर तथा जतिंदर सिंह साहनी, विक्रम सिंह, भूपिंदर पाल सिंह तथा चरणप्रीत सिंह आदि मौजूद थे।