October 31, 2020

BBC LIVE NEWS

सच सड़क से संसद तक

केजरीवाल सरकार के राज में फिर ककार पहन कर सिख छात्रा को डी.एस.एस.एस.बी की परीक्षा में बैठने से रोका


Notice: Trying to get property of non-object in /home/innpicom/public_html/wp-content/themes/newsium/inc/hooks/hook-single-header.php on line 71

केजरीवाल सरकार के राज में फिर ककार पहन कर सिख छात्रा को डी.एस.एस.एस.बी की परीक्षा में बैठने से रोका

केजरीवाल सरकार स्वंय सुधार करे नहीं तो अदालत से अगले आदेश लायेंगेः सिरसा

नई दिल्ली, 14 नवंबर (मनप्रीत सिंह खालसा:- दिल्ली में केजरीवाल सरकार के अधीन आने वाले डी.एस.एस.एस.बी द्वारा आज फिर एक सिख छात्रा को परीक्षा में बैठने से इसलिए रोक दिया गया क्योंकि उसने ककार धारण किये हुए थे। केजरीवाल सरकार द्वारा सिख विद्यार्थियों का भविष्य खराब करने के लिए साजिशें लगातार जारी हैं।

यह विचार दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष स. मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रकट किए। उन्होंने एक बयान के माध्यम से बताया कि यह घटना आज पीतमपुरा के अभिनव पब्लिक स्कूल में हुआ जहां हरलीन कौर नाम की सिख छात्रा प्राइमरी अध्यापक पद के लिए .एस.एस.एस.बी की परीक्षा देने आई थी। मौके पर मौजूद स्टाफ ने उसे पहले कड़ा और किरपान उतारने के लिए कहा और जब छात्रा ने मना कर दिया तो कड़े और किरपान पर टेप लगा दी गई पर इसके बावजूद परीक्षा केन्द्र से निकाल दिया गया।

स. सिरसा ने बताया कि केजरीवाल सरकार लगातार सिख विद्यार्थियों का भविष्य खराब करने पर लगी हुई है और उसके द्वारा अदालत के आदेशों के बावजूद और उसके अपने उपमुख्यमंत्री द्वारा चिठ्ठी लिखने के बाद भी ककार धारण करने वाले सिख विद्यार्थियों से भेदभव किया जा रहा है जो बर्दाशत नहीं किया जायेगा। उनहोंने मुख्यमंत्री अरविंदर केजरीवाल को कहा कि वह जल्दी ही इस तरह के मामले रोकने के लिए प्रयास करें नहीं तो दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी सरकार के खिलाफ अदालत से अगले आदेश भी हासिल करेगी।

दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष ने बताया कि तीन महीने पहले हरमीत सिंह नाम के नौजवान को परीक्षा में बैठने से रोका गया था। इस के पश्चात दिल्ली कमेटी ने हाई कोर्ट में सरकार के खिलाफ मानहानी पटीशन दायर की और अदालत ने फिर आदेश दिये कि सिख विद्यार्थियों को ककार पहन कर परीक्षा में बैठने की आज्ञा है पर केजरीवाल सरकार अभी भी आदेश नहीं मान रही।

स. सिरसा ने बताया कि आज जब नया मामला सामने आया तो कमेटी के लीगल सैल के चेयरमैन जगदीप सिंह काहलों, सदस्य हरजीत सिंह पप्पा स्वंय मौके पर पहुंचे पर परीक्षा केन्द्र में मौजूद स्टाफ ने उनके साथ कोई भी बातचीत करने से मना कर दिया।

इस दौरान स. जगदीप सिंह काहलांे चेयरमैन लीगल सैल ने बताया कि सरकार चाहती है कि सिख बच्चे सिख ककार पहनना बंद कर दें पर ऐसा संभव नहीं है क्योंकि सिख बच्चे कभी भी सिखी नहीं छोड़ सकते। उन्होंने कहा कि हम अदालत से आदेश ले चुके हैं पर फिर भी केजरीवाल सरकार तानाशाही कर रही है और अब हम अदालत से अगले आदेश ले कर सिख विद्यार्थियों का परीक्षा में बैठना सुनिश्चित बनायेंगे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार करतारपुर साहिब के लिए 20 डालर की फीस देने की बात करती है पर इस वादे से कोई फायदा नहीं है अगर वह सिख बच्चों को तंग परेशान करती है।

छात्रा हरलीन कौर ने बताया कि उसने उच्च अधिकारियों से भी बात की थी जिन्होंने कहा कि परीक्षा में बैठने के लिए वह अपना कड़ा व किरपान उतार दें या फिर अदालत से छूट का आदेश ले आये।