October 27, 2020

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बच्चों के प्रति लापरवाह होते आधुनिक माता पिता


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मुकेश सिंह चौधरी (Russia)

बच्चों के वर्तमान व भविष्य के प्रति लापरवाह होते माता पिता
आज की इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में आधुनिक माता-पिता अपने बच्चों के प्रति इतने ज्यादा लापरवाह हो गए हैं कि वह अपनी पहली जिम्मेदारी भी सही तरीके से नहीं निभा पाते जिसके कारण बच्चों का वर्तमान ही नहीं जबकि भविष्य भी अकारण परेशानियों से घिरा रहता है। आधुनिकता के इस दिखावे ने सोचने समझने व निर्णय लेने की क्षमता को इतना अधिक गिरा दिया है कि उनके पास समय ही नहीं रहा है। सिर्फ ओर सिर्फ दिखावा और वह भी कपड़े पहनने, रहन-सहन और खान-पान का। आज के आधुनिक माता-पिता से कहीं ज्यादा उन माता-पिता को चिंता होती थी जिनको हम रूढ़िवादी कहते हैं क्योंकि वह अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी बहुत सोच समझकर निभाते थे। एक बच्चे के प्रति माता-पिता की प्रथम जिम्मेवारी उसकी जन्म तारीख से नामकरण का सही होना होता है, जो पुराने समय में उस समय की सर्वोत्तम विज्ञान यानी ज्योतिष विज्ञान के आधार पर वह रखते थे जिससे कालांतर में किसी भी समस्या के आने या समस्या आने से पहले जब भी कुंडली मिलान या जन्म कुंडली देखते तो उस समस्या से बचाव के उपाय सुझाए जाते थे लेकिन आज के समय में कुछ लोग अगर अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करते भी हैं तो उसी पुरानी विधि से, जबकि समय के अनुसार विज्ञान ने बहुत तरक्की की है और इस तरक्की से आर्टिफिशियल रेडिएशन हमारी 70% उर्जाओ का हनन करते हैं जिससे हमारी सोचने समझने व निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है यही कारण है की शहर में रहने वाले लोग गांव में रहने वाले लोगों की अपेक्षा अधिक तनाव और समस्याओं का सामना करते हैं। इसी अंधेरे में हम अपने बच्चों को डाल रहे हैं।
मेरे शोध के अनुसार जन्म तारीख तीन तरह की होती है जिसके अनुसार नाम रखना उचित रहता है इन तीन तरह की जन्म तारीख को के अनुसार सकारात्मक या संतुलित 20 तरह के नामों की श्रेणियां है। जन्म तारीख की श्रेणी के अनुसार नाम की श्रेणी का चुनाव कर ऊर्जावान प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित किया जा सकता है जिससे सोचने समझने व निर्णय लेने की क्षमता के साथ साथ जीवन में अकारण परेशानियों से यह ऊर्जावान प्रतिरक्षा प्रणाली रक्षा करती है, लेकिन दुर्भाग्य से इस आधुनिक समय में माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य से ज्यादा अपने स्वार्थ के लिए नाम की खूबसूरती देखते हैं ना कि उस नाम के प्रभाव को। बस सिर्फ उनको नाम अच्छा लगना चाहिए चिंकू, पिंकू, मिंकू इत्यादि इत्यादि। कुछ समय बाद चाहे वह चिंकू, पिंकू, मिंकू अकारण समस्याओं से भले ही घिरा रहे। उस समय अगर इन चिंकू, पिंकू, मिंकू में किसी कारणवश कुछ गलत आदतें गुस्सा आना, इरिटेशन होना, नशेड़ी होना या बार-बार बीमार होना, परिवारिक कलह जैसी समस्याएं आती है तब उन्हीं को दोष देते हैं जबकि अपने अंदर नहीं झाँक कर देखते कि यह सब क्यों हो रहा है? अगर इस तरफ ध्यान जाएगा तो आधुनिक माता-पिता खुद को ही दोषी मानेंगे क्योंकि यह सब अकारण परेशानियां उनकी प्राथमिक जिम्मेवारी का सही से निर्वाह ना करने के कारण आज भुगतनी पड़ रही है। इसीलिए आप सभी से यही रिक्वेस्ट है की पोस्ट अच्छी लगे तो इसे लाइक और शेयर जरूर करें तथा अपनी प्राथमिक जिम्मेवारी यानी बच्चों का नाम उनकी जन्म तारीख की श्रेणी के अनुसार रखें जिससे आप एक माता-पिता होने का फर्ज निभा सके और बच्चे अकारण परेशानियों से बचे रहें।