October 26, 2020

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तिल्लसमी दुनिया यानी यन्त्र, मन्त्र, तन्त्र व जादू टोने-टोटको से ख़ानदानी नुकसान व बचाव के उपाय


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मुकेश सिंह चौधरी (Russia)

आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने स्वास्थ्य या सर्वोपरि बनने के चक्कर में व्यक्ति ना जाने क्या-क्या सहारे लेता है जिसके दुष्प्रभाव या दुष्परिणाम भी भोगता है। ताबीज और यंत्र-मन्त्र-तंत्र के अज्ञानता के चक़्कर में इनके बहुत गम्भीर दुष्प्रभाव है। भारत और अफ्रीका में ताबीज और जादू को अधिक महत्व दिया जाता है। हर धर्म में इनका बोलबाला है। भारतीय समाज में हम देखते है की अगर कोई बीमार होता है या फिर कोई और गडबड़ होती है तो हम बाबा या मौलवी के पास जाते है और वो या तो भुभूति (पूजा की रख जो तिलक में काम लेते है) देते है या ताबीज और तांती देते है और तुरंत आराम आ जाता है, लेकिन एक निश्चित समय के बाद वही समस्या या उससे बड़ी समस्या आ जाती है। इसका कारण ये होता है की वो समस्या का समाधान नही करते बल्कि समस्या को रोकते है। समस्याएं ही जीवन है और समाधान इसकी निरन्तरता है।
समस्याएं आना स्वाभाविक है, समाधान इसकी निरन्तरता को बनाये रखने हेतु जरूरी है। हम कहते है की ताबीज बनाते समय मौलवी या बाबा ने इसमें मयाद(निश्चित समयावधि) डाली है, जो एक निश्चित समय तक हि काम करता है। समस्या उस नदी या नहर के पानी की तरह है जो निरन्तर बहता है और समाधान से हम उसको पार करते है। जरा सोचिये की नहर में पानी आ रहा है और हम उसके आगे बांध बांधते है , लेकिन पानी की निरन्तरता की वजह से पानी का स्तर बढ़ता रहता है और जब वो बांध टूटता है तो सब कुछ ले डूबता है, ठीक उसी तरह ताबीज आदि की मियाद पूरी होने पर ज्यादा प्रताड़ित होते है। सच्चाई तो ये है बाबा और ये मौलवी खुद भी नही जानते की वो कर क्या रहे है और जो ये कर रहे है उसका किस ऊर्जा स्तर तक क्या प्रभाव होगा।
सार्वजनिक स्थान, ट्रेन, टीवी, अखबार आदि में सन्तान प्राप्ति, सौतन से छुटकारा, किया कराया, व्यापार बन्धन, वशीकरण आदि इस तरह के विज्ञापन देखने को मिलते हैं। जादूटोना और कालाजादु का भारत और अफ्रीका में ज्यादा प्रचलन है। जबकि ज्यादातर कालाजादु करने वाले खुद भी नही जानते की ये क्या होता है और कैसे काम करता है और इसको कैसे हटाया जाता है। कालाजादु मोटे रूप से 5 तरह का होता है , क्योकि मानव शरीर पंच तत्वों से निर्मित है और उसी को आधार मानकर किया जाता है। वास्तविकता तो ये है की सफेद जादु का प्रयोग मुसीबत के समय ऊर्जा ट्रांसफर हेतु शुरू हुआ था लेकिन स्वार्थी दुनिया में कुछ लोगों ने इसको नकारात्मक रूप से काम में लेना शुरू कर दिया, जिसे काला जादु कहा जाने लगा। लेकिन वो ये नही जानते की इसका नकारात्मक रूप से काम में लेने से तीनो प्रभावित होते है, कालाजादु करवाने वाला , करने वाला और जिस पर करवाया जाता है, लेकिन ज्यादा नुकसान करने वाले और करवाने वाले का ही होता है।
लोग किसी के व्यापार को बंधवाने, कोख बन्धन, वशीकरण , किसी को हानि पहुचने आदि हेतु इसे काम में लेते है। कालाजादु पानी-अग्नि-वायु-आकाश-पृथ्वी में से किसी एक को आधार मानकर करते है। भारत में ज्यादातर अग्नि को आधार मानकर मौलवी कालाजादु करते है। यहां आपको कुछ जानकारी देना चाहुगा ताकि आप अपनी समस्या के कारण को जान सके। अग्नि को आधार मानकर किया हुआ कालाजादु के प्रभाव से सरदर्द रहता है और कई बार तो ये इतना असहनीय होता है की डॉक्टर जो नशे के इंजेक्शन्स देता है वो भी काम नही करते। लगातार सरदर्द का रहना और गंदे सपने आना इसका सूचक होता है , तथा घाटे लगाना। पानी को आधार मानकर किया हुए कालाजादु के प्रभाव से शरीर में इन्फेक्शन होना और लंबे समय तक बीमार रहना , बीमारी का डॉक्टर की समझ में नही आना। वैसे हि पानी को आधार मानकर किया जाने वाला कालाजादु तीन तरह का होता है जिसमे खड़े हुए पानी को आधार मानकर किया हुआ सबसे खतरनाक होता है , इसमें शरीर में इन्फेक्शन से खून का पानी बनना, बार बार इन्फेक्शन होना और इसके प्रभाव से आदमी जल्दी खत्म भी नही होता और हॉस्पिटल से घर भी नही आ पाता है। क्योकि इसको करने के पीछे उद्देश्य उस परिवार को जानी नुकसान( मौत का दुःख) के साथ-साथ बहुत बड़ा माली नुकसान पहुचना होता है। यह ये जरूर बताता चालू की जो ताबीज या कालाजादु करते है वो इसको काटना ये इसके असर को खत्म करना नही जानते है। और जो खत्म करना जानते है वो कभी किसी पर कालाजादु करते ही नही है और ऐसे लोग आसानी से मिलते ही नही है। जीवन में इन्सान समस्याओं से नहीं डुबता जबकि अवान्छित समस्याओं के कारण वो डुबता है। इससे शारीरिक परेशानियों के साथ साथ मानसिक व आर्थिक नुकसान भी होता है।
ये सब काला जादू वग़ैरह आपकी उर्जावान प्रतिरक्षा प्रणाली सन्तुलित ना होने पर नुकसान पहुंचाता हैं, इसके सन्तुलित होने से इन सबका असर नहीं होता है क्योंकि उर्जावान प्रतिरक्षा प्रणाली नकारात्मक उर्जा से सुरक्षित रखती है। इसकी अधिक जानकारी के लिए फेसबुक पेज https://m.facebook.com/uniquerahasyalogy पर विजिट करे। यन्त्र मन्त्र,तत्र जैसे वैकल्पिक रास्तो का चयन करने से परहेज करे यही उचित रहता है और अवान्छित समस्याओं से बचने हेतु अपने नाम व घर को जन्म तारिख अनुसार रखें, जिससे #उर्जावानप्रतिरक्षाप्रणाली सन्तुलित हो और भविष्य में इस तरह की नकारात्मक ऊर्जा से आपका, आपके परिवार व व्यापार का इन सब से बचाव रहे। बचाव ही एक मात्र उपाय है।