October 28, 2020

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हादसे के बाद भी नहीं जागा प्रशासन


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पोलायकलां/शाजापुर

1. हादसे के बाद भी नहीं जागा प्रशासन
2. ग्राम हड़लाय कला में कुए के पास ही चल रहा है स्कूल

3. ग्राम सालिया में हाईटेंशन लाइट के नीचे ही संचालित हो रहा है प्राइमरी स्कूल
3. शाजापुर में वेन हादसे के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

4. शाजापुर कलेक्टर के आदेशों की उड़ाई जा रही है धज्जियां

5 शौचालय तक की सुविधा नहीं आंख बंद करके दे दी मान्यताएं

6 बिना अनुबंध परमिट के ही दौड़ा रहे हैं वहान
एंकर – शाजापुर वेन हादसे के बाद भी शिक्षा विभाग की आंखें खुलने का नाम नहीं ले रही है यहां हालत शाजापुर जिले की पोलाय कला तहसील के अंतर्गत प्राइवेट स्कुलो की है हडलायकला, सालिया लालपुरा में हाईटेंशन लाइट व कुएं के समीप ही चल रहे हैं निजी स्कूल जिससे मासूम बच्चों की जान को खतरा
वाइस ओवर – जी हां हम आपको बता दें कि गत दिनों शाजापुर के समीप स्कूल बच्चों को लेकर एक वेन कुएं में गिर गई थी इससे तीन बच्चों की मौत हो चुकी है जिसके तुरंत बाद ही
जिला कलेक्टर डॉ वीरेंद्र सिंह रावत द्वारा निजी स्कूलों पर अंकुश लगाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि बच्चों के साथ में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी तथा कोताही बरतने वाले अधिकारियों कर्मचारियों व स्कूल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी परतु शाजापुर जिले की शुजालपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले हडलाय कलां मैं विद्यासागर स्कूल तथा ग्राम सालिया मैं न्यू चिल्ड्रन एकेडमी इंडियन पब्लिक स्कूल तथा ग्राम लालपुरा के प्रवीडेंस पब्लिक स्कूल जहां पर शासन के मापदंडों को ताक में रखकर के विद्यालय संचालित किया जा रहा है ना तो वहां पर खेल मैदान हैं ना ही वह पर बच्चों की बैठक व्यवस्थाएं और नहीं शौचालय उपलब्ध है जबकि शासन के मापदंडों के अनुसार विद्यालयों मे सुविधाएं होना चाहिए ग्राम सालिया का न्यू चिल्ड्रन एकेडमी तो हाईटेंशन लाइट के नीचे संचालित हो रहा है जहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है वहीं पर हडलायकला मैं तो स्कूल से महज सो फिट दूर ही पानी से भरा कुआं है जो कभी भी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहा है ग्राम लालपुरा की प्रवीडेस स्कूल में तो हद ही हो गई जब वहां पर निरीक्षण किया तो बच्चे को बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं है जबकि विद्यालय को कक्षा नर्सरी से आठवीं तक की मान्यता दे रखी क्या इन स्कूलों को शिक्षा विभाग ने आंखें बंद करके मान्यता दी है या फिर अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी जेब भर कर के आने वाले भारत के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है परंतु किसी भी अधिकारी ने जाकर के विद्यालय का निरीक्षण तक नहीं किया जिससे यह साबित हो सके की शासन के मापदंडों के अनुसार ही निजी स्कूलों को मान्यता दी गई है इसी प्रकार से लालपुरा का प्रोविडेंस पब्लिक स्कूल में तो बच्चों को सही से बैठने तक की जगह उपलब्ध नहीं है और चारों तरफ स्वच्छता कोसों दूर नजर आती है जिससे कि जहरीले जानवरों को खतरा बच्चों के ऊपर बना रहता है जब इस संबंध में विद्यालय के संचालक से वाहनों के बारे में जानकारी ली गई तो ना वाहनों का फिटनेस है नए अनुबंध और ना ही परमिट क्या इसी प्रकार से सरकार के नुमाइंदे सरकार को ही कटघरे में खड़ा करके आने वाले भारत के भविष्य के साथ में खिलवाड़ करते रहेंगे या फिर इन निजी स्कूल संचालक द्वारा जो मनमानी की जाती है उसके ऊपर शिकंजा कसा जाएगा