October 28, 2020

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प्रयागराज बहुचर्चित जवाहर पंडित हत्याकांड मामले में करवरिया बंधुओं को हुई आजीवन कारावास की  सजा


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प्रयागराज बहुचर्चित जवाहर पंडित हत्याकांड मामले में करवरिया बंधुओं को हुई आजीवन कारावास की  सजा

प्रयागराज 4 नवंबर 2019

बहुचर्चित सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड मामले में ट्रायल कोर्ट से करवरिया बन्धुओं को तगड़ा झटका लगा है। ट्रायल कोर्ट ने 23 साल लम्बी चली इस कानूनी लड़ाई में करवरिया बन्धुओं और एक अन्य हत्यारोपी को दोषी करार दिया है। एडीजे बद्री विशाल पाण्डेय ने जवाहर पंडित हत्याकाण्ड में फैसला सुनाते हुए आरोपी पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया,उनके भाई पूर्व विधायक उदय भान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया और राम चंद्र त्रिपाठी को पूर्व विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में दोषी करार दिया है। ट्रायल कोर्ट ने आज 4 नवम्बर को चारों दोषियों के सजा का ऐलान कर दिया कोर्ट ने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और उनके ऊपर डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों की बहस और दलीलें सुनने के बाद 18 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित कर लिया था। सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड के फैसले को लेकर उनकी पत्नी पूर्व विधायक विजमा यादव के साथ ही उनके बच्चों और समर्थकों की भी निगाहें लगी हुई थीं। हम आपको बता दें कि झूंसी विधानसभा से सपा विधायक जवाहर यादव (पंडित) की हत्या 23 साल पहले 13 अगस्त 1996 को सिविल लाइन्स में पैलेस सिनेमा और काफी हाउस के बीच एके 47 रायफल से गोलियां बरसाकर की गई थी। सपा विधायक जवाहर पंडित के साथ ही उनके ड्राइवर गुलाब यादव और एक राहगीर कमल कुमार दीक्षित की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। जबकि विधायक पर हुए हमले में पंकज कुमार श्रीवास्तव और कल्लन यादव घायल हो गए थे। कोर्ट से आरोपियों को दोषी ठहराये जाने को लेकर जवाहर पंडित की पत्नी और पूर्व विधायक विजमा यादव ने कहा है कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा था कि उन्हें न्याय जरुर मिलेगा। जवाहर पंडित हत्याकांड के मामले में उनकी पत्नी पूर्व विधायक विजमा यादव की ओर से सिविल लाइंस थाने मे करवरिया बंधुओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। सिविल लाइन्स थाने के बाद मुकदमे की विवेचना सीबीसीआईडी ने भी की और आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। मुकदमे के दौरान कुछ साल तक हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के चलते मुकदमे की सुनवाई भी नहीं हो सकी थी। इस बीच प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सरकार ने करवरिया बंधुओं से मुकदमा वापस ले लिया था। जिसका विरोध पूर्व विधायक विजमा यादव ने किया और अदालत में कानूनी लड़ाई भी लड़ी। जिसके बाद कोर्ट ने सरकार के फैसले को यह कहते हुए वापस लौटा दिया था कि ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमें की सुनवाई फैसले के करीब है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन की तरफ से जहां 18 गवाहों के बयान दर्ज कराये गए थे। वहीं करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था। इस मामले भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे और मौजूदा समय में राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्रा की भी गवाही हुई थी।

फिलहाल करवरिया बंधु अब ऊपर के न्यायालय में दोबारा से याचिका दायर करेंगे।

बाइट-आरोपी सिद्ध पूर्व विधायक उदय भान करवरिया

वाइट-आरोपी सिद्ध पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया

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रिपोर्टर परवेज आलम