October 20, 2020

BBC LIVE NEWS

सच सड़क से संसद तक

किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर एयर प्यूरीफायर के बाजार को भारत में बढ़ाने की साजिश


Notice: Trying to get property of non-object in /home/innpicom/public_html/wp-content/themes/newsium/inc/hooks/hook-single-header.php on line 71

मुकेश सिंह चौधरी (Russia)
किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर एयर प्यूरीफायर के बाजार को भारत में बढ़ाने की साजिश
आजकल उत्तरी भारत में चावल की पराली को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में काफी हलचल है। एक तरह से विदेशी कंपनियों के एयर प्यूरीफायर के बाजार को स्थापित करने की यह साजिश काफी सालों से चली आ रही है। धीरे धीरे कर पराली को जीवन के लिए खतरा बताकर एयर प्यूरीफायर को जीवन संरक्षक के तौर पर दिखाने की कोशिश की जा रही है। पराली के मुद्दे को सोशल मीडिया पर इतना ज्यादा हाईलाइट किया जा रहा है कि लोगों के दिमाग में यह बैठ जाए कि इससे बचने के लिए एयर प्यूरीफायर ही एकमात्र जरिया है जिससे यह विदेशी कंपनियां भारत में अपने बाजार को और मजबूत कर सके। जिस तरह से एचआईवी के नाम पर डिस्पोवेन, कंडोम, जिलेट इत्यादि इत्यादि कंपनियों के बाजार भारत में मजबूत हुए, ठीक उसी तरह किसान की पराली को मुद्दा बनाकर विदेशी कंपनियों के ठेकेदार एयर प्यूरीफायर के बाजार को मजबूत करना चाहते हैं। अपने मकसद में काफी हद तक कामयाब हुए भी हैं। हकीकत यह है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएँ व किसान की पराली के धुए में बहुत अंतर है जिस को नजरअंदाज किया जा रहा है।
एक बार एयर प्यूरीफायर का बाजार मजबूत होने के कुछ समय बाद हास्पिटल व दवा कम्पनियों के बाजार में और विस्तार होगा। एक तीर से कई शिकार करने वाली विदेशी कम्पनियां अपने भारतीय सरकारी गुर्गो से पुरा काम बहुत चरणबद्ध तरीके से व सफाई से करवाती है। एयर प्यूरीफायर के दुष्प्रभाव से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होगी व अनेको संक्रमण होगे जिससे नयी नयी बीमारियों का उद्भव होगा। जिसके सबसे ज्यादा शिकार किसान व आधुनिक दिखने वाले परिवार होगे। किसान की पराली तो सिर्फ एक बहाना है, अपने मकसद को अन्जाम तक पहुंचाने का। क्योंकि किसान ही वो तबका है जिस पर कोई भी नेता या दिखावटी समाजसेवी अपने हित साधने के लिए जो चाहे वो बोल सकता है।

एयरप्यूरीफायर #propaganda #किसानकीपराली