October 30, 2020

BBC LIVE NEWS

सच सड़क से संसद तक

जत्थेदार संतोख सिंह पर किताब का हुआ विमोचन


Notice: Trying to get property of non-object in /home/innpicom/public_html/wp-content/themes/newsium/inc/hooks/hook-single-header.php on line 71

जत्थेदार संतोख सिंह पर किताब का हुआ विमोचन

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने किया विमोचन

नई दिल्ली 25 अक्टूबर (मनप्रीत सिंह खालसा):- दिल्ली के निर्विवाद बड़े पंथक नेता तथा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जत्थेदार संतोख सिंह के जीवन पर आज किताब का विमोचन किया गया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पंजाबी से अंग्रेजी में अनुवाद की गई इस पुस्तक का लोकार्पण किया। पंजाबी में लिखी इस किताब के संपादक जसवंत सिंह अजीत तथा हरबंस कौर सग्गु है। इसका अंग्रेजी अनुवाद हरप्रीत कौर ने किया है। इस मौके पर विभिन्न सामाजिक,धार्मिक व सियासी शख्सियतों ने जत्थेदार जी के जीवन पर अपने अनुभव व विचार सांझे किए।

दिल्ली व पटना कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हरविंदर सिंह सरना ने बड़ी बेबाकी से बोलते हुए कहा कि दिल्ली को एक नहीं दर्जनों संतोख सिंह की आज जरुरत हैं। जत्थेदार जी दिल्ली के सिखों की नब्ज पहचानते थे। जो काम स्कूलों/काॅलेजों के लिए वो कर गए, उस हिसाब से उनकी विदाई जल्दी हो गई। हमारे परिवार से उनके खट्टे- मिट्ठे संबंध रहें है। इसके बावजूद जब लंगर से पत्तल हटाकर स्टील की थाली लगाने की जब बात आई तो जत्थेदार जी से किसी ने पूछा की थाली कौन देंगा,तो उन्होंने तुरंत कहा त्रिलोचन सिंह सरना। यही उनकी खूबी थी कि कौम के कार्यों में वो सियासत को आड़े नहीं आने देते थे।

सरना ने कहा कि जब उनके पिता त्रिलोचन सिंह जी की मृत्यु हुई तो जत्थेदार जी ने खुद हमारे घर पहुँच कर जपुजी साहिब का पाठ और अरदास की। पर आज के कमेटी के प्रधान को तो 5 पऊड़ी जपुजी साहिब का पाठ नहीं आता। बादलों ने दिल्ली के सिखों पर अत्याचार करके ऐसा प्रधान थोपा है, जिसने कौम की विश्वनियता ही दाँव पर लगा दी है और धर्म का नुकसान किया है। सरना ने कहा कि जत्थेदार जी ने बाणी और बाणे पर पहरा देते हुए कोई चोरी नहीं की, पंथ को बेचा नहीं,इसलिए आज हमें दर्जनों संतोख सिंह चाहिए। सरना ने परिवार को जत्थेदार जी की विरासत को आगे बढ़ाने की सलाह भी दी।

नकवी ने कहा कि जत्थेदार संतोख
सिंह क्रांतिकारी अलख जगाने वाले महान शख्सियत थे। जिन्होंने सिख कौम और समाज के लिए बेहतरीन काम किए। हमें ऐसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रण लेना चाहिए,जिन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया है।संतोख सिंह के पुत्र मनजीत सिंह जीके ने भी उस सामाजिक क्रांति को आगे बढ़ाते हुए बच्चों को सरकारी योजनाओं से वजीफा दिलवाने के लिए बेहतरीन काम किया था। दिल्ली कमेटी के पूर्व महासचिव कुलमोहन सिंह ने जत्थेदार के साथ अनुभव सांझे करते हुए बताया कि बाबा बचन सिंह ने जत्थेदार जी के बारे एक बार कहा थी कि जत्थेदार जी ने दिल्ली मे जितनी सोना रुपी जमीनें सोने हमें दे गए है, उन्हें घडते-घडते हम थक गए है।

जीके ने भी अपने पिता के कामों को गिनवाते हुए भरोसा दिया कि उनकी विरासत को संभाल कर रखना, उनकी जिम्मेदारी है। जत्थेदार संतोख सिंह फाउंडेशन की तरफ सेवा करवाए गए इस कार्यक्रम मे आए सभी लोगों का अध्यक्ष बलबीर सिंह कोहली ने धन्यवाद किया। इस मौके दिल्ली विधानसभा के पूर्व स्पीकर योगानंद शास्त्री,मेजर जनरल एमएस चड्डा, स्वर्ण सिंह भंडारी, भूपिंदर सिंह चड्डा, बलबीर सिंह कक्कड़ सहित सैकड़ों गणमान्य सज्जन मौजूद थे।