October 28, 2020

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नारी सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल आखिरकार कब तक जलेगी नारी?

नारी प्रधान देश में नारी सुरक्षा को लेकर आज भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। की आखिरकार कब तक जलेगी नारी?

एक समय था जब हमारे देश में दहेज प्रताड़ना व पारिवारिक मामलों के चलते आए दिन महिलाओं व युवतियों को जिंदा जलाने की खबरें रोज देखने सुनने में आती थी। किंतु आजादी के करीब 73 साल बाद भी देश में हालातो मैं अधिक बदलाव नहीं आया है।

इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र की एक घटना में ससुराल वालों द्वारा अपनी बहू को जिंदा जलाकर जान से मारने का मामला सामने आया है। घटना के बाद एक और जहां मृतका के मायके वालों का आरोप है कि उनकी लड़की को ससुराल वालों ने पारिवारिक झगड़े और दूसरों के कहने में आकर उसकी जान ले ली। वही उनका यह भी आरोप है कि लंबे समय से उनकी लड़की को ससुराल वालों के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था।


इंदौर में हुई महिला की जलकर मौत हमारे लिए और समाज के लिए कोई नई घटना नहीं है लेकिन एक और जहां शहरों में सरकार मेट्रो ट्रेन लाना चाह रही है तो वहीं दूसरी ओर दहेज प्रताड़ना व पारिवारिक विवादों में आखिर घर की महिलाओं को ही क्यों निशाना बनाया जाता है? क्यों उनकी जान ले ली जाती है?

एरोड्रम थाना क्षेत्र की घटना में चार बहनों व एक भाई के बीच पली बढ़ी सुशील, शिक्षित युवती विनिया की करीब 6 वर्ष पूर्व क्षेत्र एरोड्रम थाना क्षेत्र के कालानी नगर निवासी, राकेश मकवाना से शादी हुई। शादी के बाद उन्हें दो संतान हुई जिसमें एक लड़का व एक लड़की है। समय बीतने के साथ ही परिवार के लोगों में उनकी बहू विनिया घुल मिल गई थी। किन्तु बीते कुछ सालों से विनिया के सास ससुर व पति राकेश के द्वारा उसे कई तरह से प्रताड़ित किया जा रहा था। इन्ही सब घटनाओं के बीच दो दिन पूर्व विनिया के जल जाने की खबर उसके मायके वालो को किसी तीसरे व्यक्ति के द्वारा फोन के माध्यम से सुबह 4 बजे लगी।

फिर क्या था… विनिया के छोटे भाई और विधवा माँ, के पैरों तले जैसे जमीन खिसक गई। वे लोग अपने परिवार के साथ तुरन्त इंदौर के लिए गए, जंहा चोइथराम हॉस्पिटल में बुरी तरह जली बहन, बेटी को देख उनके होश उड़ गए, रो रो कर बुरा हाल हो गया, विनिया का 95 प्रतिशत जला शरीर देख मा भाई बहन और परिवार वालो के आंसू रखने का नाम नही ले रहे थे, ससुराल वालों को कोसते हुए बिलखते नजर आ रहे थे। हॉस्पिटल में शुक्रवार की रात युवती ने जिंदगी से हार मान ली, और उसकी मौत हो गई।

युवती की मौत के बाद परिवार वालों ने युवती के ससुराल वालों पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि उनकी बेटी के ससुराल वाले तो उन्हें प्रताड़ित करते ही थे साथ ही उनके मकान मालिक किसी रजनीश जैन नामक बाहर के युवक के कारण द्वारा भी उनकी लड़की को परेशान किया जा रहा था। मृतिका के परिजनों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विनिया की मौत को जंहा एक ओर उसके ससुराल वाले आत्महत्या बताने का भरचक प्रयास कर रहे हैं वही दूसरी ओर उसकी शादी के बाद विनिया पर हुए अत्याचारों को बताते हुए , उसके परिजन गम्भीर आरोप लगा रहे हैं, और लगाए भी क्यों नही उन्हें विनिया हर बात बताती रहती थी कि उसे किस तरह की ज्यादतियां, प्रताड़नाएं ससुराल वालों के द्वारा दी जाती थी, खेर यह तो निष्पक्ष जांच के बाद साबित हो ही जाएगा लेकिन विनिया की मौत के बाद हर आदमी के जहन में कुछ सवाल उठ रहे हैं
की क्या कोई मा जिसे पता हो कि उसका बच्चा उसके दूध पर ही निर्भर है दिन में कई मर्तबा उसे दुधपान कर उसे बड़ा कर रही है उसे छोड़ कर वह आत्मदाह कैसे कर सकती है????
जो मा अपने बच्चों के खातिर ससुराल वालों की तमाम प्रकार की यातनाए सहने के बाद भी जीवन निर्वाह कर रही थी,जिसे उसकी सास आधी रात को बाहर निकाल देती थी, कई बार भूखे रखती थी लेकिन अपने बच्ची के के खातिर मायके वालों के मना करने के बाद भी ससुराल में रह रही हो, वह आत्मदाह कैसे कर सकती है???
मनोविज्ञान से एमफिल करने वाली शिक्षित युवती, जिसने लोगो को जीने की राह दिखाई हो वह आत्मदाह कैसे कर सकती है????
कोई किसी की आखों के सामने खुद को आग लगाए तो वह कितना जल सकता।
जब कोई जलता है तो चीखता है चिल्लाता हैं, यंहा तक कि दौड़ कर घर से बाहर की और भागता है तो क्या विनिया की चीख़ पुकार किसी ने नही सुनी होगी।

क्या होता है जब एक परिवार अपनी बच्ची को पाल पोस कर बड़ा करता है और उसको दूसरे परिवार के हवाले इस उम्मीद से कर देता है कि अब वहां वह खुश रहेगी सुखी जीवन जिए गी लेकिन समाज में पनप रहे कुछ दहेज लोभी और हठ धर्मियों की वजह से आज भी बेगुनाह नारी जलने को मजबूर है।

धार से जिला सवांददाता आशुतोष सेन की रिपोर्ट