October 23, 2020

BBC LIVE NEWS

सच सड़क से संसद तक

बाला साहिब अस्पताल के नाम पर सिरसा द्वारा फ्राड-2 की तैयारी:- जीके


Notice: Trying to get property of non-object in /home/innpicom/public_html/wp-content/themes/newsium/inc/hooks/hook-single-header.php on line 71

बिना रोड़मेप के गप्पें मारने में सिरसा का कोई मुकाबला नहीं: जीके

बाला साहिब अस्पताल के नाम पर सिरसा द्वारा फ्राड -2 की तैयारी

सिरसा अल्पमत समर्थन वाली कमेटी चली गई है

नई दिल्ली 21 अक्टूबर (मनप्रीत सिंह खालसा): – दिल्ली की संगत और दिल्ली सिखा प्रबंधक कमेटी के ज्यादातर सदस्यों का विश्वास गँवा चुके, मौजूदा कमेटी अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा को भविष्य में गप्पी प्रधान के तौर पर जाना होगा। क्योंकि रोड़मेप व तथ्यों के बिना कुछ भी बोल जाने के लिए सिरसा अब प्रसिद्ध हो चुके हैं। 50 रुपये में एमआरआई, ननकाना साहिब नगर कीर्तन, सोने की पालकी, 550 बच्चों की फीस माफी के झांसे के बाद अब सिरसा ने 550 बेड के बाला साहिब अस्पताल और मेडिकल काॅलेज चालू करने की बड़ी गप्पारी है। लेकिन कमेटी सदस्यों के द्वारा जनरल हाउस में इस संबंधित रोड़मेप पूछने पर सिरसा के पास बगले झाकने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। यह टिप्पणी जागो – जग आसरा गुरु ओट (जत्थेदार संतोख सिंह) पार्टी के आंतरिक अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने आज की जनरल हाउस की कार्रवाई पर की। जीके ने कहा कि सिरसा ने सदस्यों को यह नहीं बताया कि अस्पताल पर भविष्य खर्चा कैसे है, नक्शा क्या है,

जीके ने कहा कि गुरु हरिकिशन पब्लिक स्कूल, वसंत विहार के क्लब के नाम पर चुप्पी पकड़ कर अपने गुनाह को छिपाने की कोशिश कर रहें सिरसा के साथ अब कुल 51 सदस्यों में से केवल 17 सदस्य रह गए हैं। आज कुल 25 सदस्य आए थे, जिसमें से 8 ने कमेटी की कार्यशैली पर जोरदार विरोध विभिन्न मसलों पर दर्ज करवाया। जिससे साबित होता है कि सिरसा अल्पमत समर्थन से कमेटी चली गई है। अगर आज कार्यकारिणी के दुबारा चुनाव हो सकते हैं तो सिरसा प्रमुख नहीं बन सकते। जीके ने कहा कि 500 ​​करोड़ रुपये अस्पताल के निर्माण के लिए जरूरी है, पर केवल 1.25 करोड़ का सोना देकर सिरसा कारसेवा वाले बाबा जी से अस्पताल बनवाना चाहते हैं। इतनी रकम कहां से कब और कैसे आएगी, इसका सिरसा के पास अभी भी कोई जवाब नहीं था। जब सदस्यों ने प्रश्नों की झड़ी लगाई तो, सिरसा ने किसी ओर कार्यक्रम मे जाने का हवाला देकर जनरल हाउस की कार्यवाही समाप्त कर दी। क्या सिरसा के लिए कौम के चुने हुए सदस्यों के सवालों के जवाब देने की जगह अन्य कार्यक्रम में जाना बहुत महत्वपूर्ण था?

जीके ने दावा किया कि सिरसा बिना मंजूरी के नगर कीर्तन के बाद अब संगतों को ठगने के लिए हवा में अस्पताल बनाने का नया दाँव खेल कर पैसे पानेना चाहता है। बाला साहिब अस्पताल के नाम पर सिरसा के द्वारा फ्राड -2 की तैयारी की जा चुकी हैं। जीके ने कहा कि सिरसा ने आज मेरी सदस्यता रद्द करवाने के लिए आडिट रिपोर्ट का सहारा लेने का हवाला देकर अपने पक्षपाती व्यवहार और बुद्धिहीनता का परिचय दे दिया है। जीके ने सवाल किया कि जो आडिट अभी तक पुरा ही नहीं हुआ है, उसकी संभावित रिपोर्ट की जानकारी सिरसा को पहले से कैसी है? क्या आडिट रिपोर्ट सिरसा ने लिखनी या लिखवानी है? सिरसा 2013 में अपने अकेले दस्तखतों से राइजिंग बाॅल को टैंट कंपनी के 1 कहा जाता है। 5 करोड़ रुपये के पास किए गए कथित फर्जी बिलों की आडिट रिपोर्ट कब जारी होगी? जिसके लिए रौज एवेन्यू कोर्ट में सिरसा के खिलाफ 2 केस चल रहा है। जीके ने साफ कहा कि वे सिरसा के ब्लैकमेलर्स कें समूह से डरकर भागने वाले नहीं हैं और संगत हित के हर मसले को जागो पार्टी उठाएगी।

जनरल हाउस में वसंत विहार क्लब मामले को जागो पार्टी द्वारा उठाने का ऐलान करने के बावजूद न जाने पर अपना पक्ष रखते हुए जीके ने बताया कि आज सुबह मुझे थाना नार्थ एवेन्यु और संसद मार्ग से उच्च पुलिस अधिकारियों के फोन आए थे, जिन्होंने मुझे बताया था कि आपके जनरल हाउस में जाने से गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब में माहौल खराब हो सकता है, ऐसी शिकायतें कमेटी की तरफ से उनके पास आई हैं। जिस कारण से मैं बैठक में जाना स्थगित किया, क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मेरी वजह से माहौल खराब हो। लेकिन मैंने तुरंत फेसबुक लाइव करके कमेटी सदस्यों को अपने विवेक का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। जीके ने दोष लगाया कि सिरसा विरोधी सदस्यों की आवाज बंद करने के लिए डर के हालात बना रहें है। इसलिए गुरु नानक देव जी के 550 वें प्रकाश पर्व को सामने देखकर अपनी तरफ से विरोध टालने को पहल देकर मैंने न जाने का किया। जीके ने कहा कि सिरसा नहीं चाहते कि मैं क्लब मामले में सिरसा का कच्चा चिट्ठा खोलू, गुरुद्वारा बंगला साहिब में करवा चौथ का व्रत खोलने पर सवाल करूँ या डीयू के खालसा कालेजों से 25-25 लाख पसंदने पर सवाल करूँ। इसलिए दहशत पैदा करने की कोशिश की गई। जीके ने दिल्ली कमेटी सदस्य करतार सिंह चावला, चमन सिंह, गुरमीत सिंह मीता, कुलतारण सिंह कोचर आदि सदस्यों द्वारा संगत हितैषी आवाज उठाने की तारीफ की।