July 8, 2020

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सच सड़क से संसद तक

युद्ध तेरे द्वारे चल गया, शांति गीत के गायक सुनलो

युद्व तेरे द्वारे चल आया, शान्ति गीत के गायक सुनलो,
पैर पड़ो या शस्त्र उठाओ, कायर, तुम नालायक सुनलो।

पुलवामा हम मांगे नही थे, ना कसाब न्यौता था हमने,
संसद लहूलुहान हुई थी, संसद के खलनायक सुनलो।

तीस साल से लड़ा जा रहा, छद्दम युद्ध मेरी सरहद पर,
रक्त रंजित सारी घाटी, तब कब बुद्ध मेरी सरहद पर,
अलगाववादी काले विषधर, दूध ही पीकर जहर उगलते,
पत्थरबाज यहाँ नित पलते, जनता क्रुद्ध मेरी सरहद पर।

पठानकोट में शान्ति दूतों, तुमने कितने हाथ लगाए,
उरी में सरहद लहूलुहान, तुम बिल से कब बाहर आये,
“तेरे कातिल जिंदा है के” नारे जब थे मेरे देश मे,
लाल चौक पर जला तिरंगा, तुम घर बैठ मलाई खाये।

जंग कहाँ कब चाही हमने, दुश्मन खुद छाती चढ़ आया,
कश्मीर से मुंबई तक ,  आतंक का भाला गढ़ आया,
हमसे तो कश्मीर चाहिए , 26/11 का मसला क्या,
लादेन तुम्हारा ही पाला, अमेरिका से क्यूँ लड़ आया।

शांति की तुम भीख मांगते , मौत खड़ी जब द्वार तुम्हारे,
कहाँ थी तब शांति की बातें, सैनिक मरते रोज हमारे,
किस बिल दुबके थे तुम, जब विस्फोटों में लोग मरे थे,
मौत सामने खड़ी दिखी तो, शांति नायक बन गए सारे।

चलो शान्ति की बात मानते, अजहर हमको सौंपो आकर,
भारत माँ के चरण डाल दो, हाफिज सईद को भी लाकर,
वादा ये लिखित में दे दो, काश्मीर की बात ना होगी,
दाऊद भी तो हमे चाहिए, खुद दोगे हम लाएं जाकर।