October 28, 2020

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रीवा नगर निगम में भाजपा महिला मोर्चा का हल्लाबोल


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शाहिद नकवी

रीवा।मध्य प्रदेश के रीवा नगर निगम के आईएएस आयुक्त सभाजीत यादव को भाजपा महिला मोर्चा ने आज  उनके चेम्बर में चूड़ियां भेंट की और साड़ी पहनाने का असफल प्रयास किया। निगमायुक्त पर विकास कार्य अवरूद्ध करने और कांग्रेस के इशारे पर द्वेषपूर्ण कार्य कराने का आरोप लगाते हुए भाजपा महिला मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता रैली के रूप में नगर निगम कार्यालय पहुंचीं। इनकी रैली पहुंचने से चंद मिनट पहले आयुक्त वहां से निकलने के लिए अपने वाहन में सवार हो गए, यह देखते ही नगर निगम के आसपास मौजूद भाजपा कार्यकताओं ने गेट बंद कर दिया। रैली के पहुंचने पर भाजपा नेत्रियों ने नगर निगम आयुक्त के चेम्बर में जाकर खरी-खोटी सुनाते हुए उन्हें चूडिय़ां पहनाने के साथ ही साड़ी और बिन्दी भी भेंट की। आयुक्त के चेम्बर में चूडिय़ां भी फेंकी भी गईं।

आयुक्त को नौ सूत्रीय ज्ञापन पत्र सौंपते हुए महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मनीष पाठक ने कहा कि  राजनीति से ऊपर उठकर काम करें।  दस माह से शहर का विकास पूरी तरह से अवरूद्ध है। आयुक्त को एक मांग पत्र  देने केबाद महिला मोर्चा ने गिरफ्तारी भी दी। मौके पर ही उन्हें रिहा भी कर दिया गया। उधर आयुक्त सभाजीत यादव ने कहा कि मै प्रतिक्रिया नहीं करता।  राजनैतिक दल के लोग हैं, उनका अपना दायित्व है, अपने तौर-तरीके हैं। विकास कार्यो को लेकर कहा कि जितनी गति दस माह में आई है, उतनी पहले कभी नहीं रही।

उधर समाजसेवी और समाजवादी नेता अजय खरे कहा कि रीवा शहर में आज भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं के द्वारा नगर निगम आयुक्त श्री सभाजीत यादव को उनके कक्ष के अंदर जाकर जिस तरीके से चूड़ियां देने और चूड़ियां फोड़ने का कार्यक्रम किया वह किसी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता है | चूड़ियां भारतीय महिलाओं का श्रंगार और आभूषण है जिसे किसी भी पुरुष को देकर उसे अपमानित करने की सोच खुद महिलाओं का अपमान है | वैसे भी चूड़ियां फोड़ना अच्छा नहीं माना गया है | आखिरकार नगर निगम आयुक्त को चूड़ियां देकर विरोध कर रहीं भाजपाई महिलाएं क्या संदेश देना चाहती हैं ? चूड़ियां कायरता का प्रतीक नहीं हैं फिर किसी पुरुष को चूड़ियां भेंट करने का औचित्य क्या है ? लंबे समय से देखने में आ रहा है कि अनेक महिला संगठनों के द्वारा अपने विरोध कार्यक्रम में चूड़ी साड़ी ,लहंगा  आदिपुरुषों को भेंटकर उन्हें अपमानित करने की एक गलत परंपरा को जारी रखा गया है |उन्होंने कहा कि इस तरह का मामला केवल भाजपा का ही नहीं बल्कि अन्य दलों के महिला संगठनों का भी है | यदि विरोध करना है तो काले झंडे दिखाइए लेकिन महिलाओं के श्रंगार को अपमानित मत करें |समाजवादी नेता ने कहा कि उनके नेतृत्व में महिलाओं का संगठन नारी चेतना मंच लंबे समय से संघर्ष कर रही है लेकिन उसने कभी भी महिला श्रंगार को कायरता या कमजोरी का प्रतीक नहीं बनाया है | करीब 25 साल के संगठन अवधि में कभी भी किसी की आरती नहीं उतारी न ही किसी को चूड़ियां भेंट की | जरूरत पड़ी तो काले झंडे दिखाकर विरोध किया लाठी डंडे का खाकर नारी चेतना मंच की महिलाएं कई बार जेल गईं |