October 29, 2020

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नागदा:- नितेश हत्याकांड के खुले राज, फेसबुक पर दोस्ती बनी प्रेमिका की मौसी के बेटे की हत्या का कारण


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नागदा से संजय शर्मा की रिपोर्ट

नागदा नितेश हत्याकांड के खुले राज।
फेसबुक पर हुई दोस्ती बनी प्रेमिका की मौसी के बेटे की हत्या का कारण

यह था मामला-

नागदा,5 सिंतबर हिंस। औद्योगिक नगर नागदा जिला उज्जैन में लगभग सवा वर्ष पहले हुए बहुचर्चित नितेश हत्याकांड का पर्दाफास शनिवार को पुलिस ने किया। इस प्रकरण में बड़ा खुलासा यह हुआ कि फ फेसबुक पर एक युवक व युवती की दोस्ती के बाद प्यार में खलल बन रहे प्रेमिका की मौसी के भाई नितेश को जान से हाथ धोना पड़ा। इस हत्याकांड का खुलासा करने पर जिला पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर ने नागदा पुलिस टीम को 10 हजार के इनाम देने की घोषणा की है। सीएसपी मनोज रत्नाकर ने शनिवार को पूरे हत्याकांड का खुलासा किया।

पुलिस के मुताबिक घटनाक्रम यह थाकि 11 जून 2018 को सुबह बायपास रोड नागदा पर एक बोरे में लाश मिली थी। मौके पर पुलिस ने जब जांच की तो यह शव नितेश चौहान पिता गौविंद चौहान उम्र19 वर्ष निवासी 56 ब्लॉक नागदा का था। इस हत्याकांड में कई संदिज्ध लोगों के नाम सामने आ रहे थे। पुलिस को आरोप का सामना भी इसलिए करना पड़ रहा थाकि कुछ रूतबेदार लोगों के परिवार से जुड़ा मामला बताया जा रहा था। लेकिन ऐसा कुछ सामने नहीं आया। हत्या के दो आरोपियों के नाम सामने आए हैं। राजेश पिता भेरूलाल गेहलोत उम्र 24 वर्ष निवासी इंद्रा कॉलोनी नागदा तथा जगदीश बैरागी पिता जीवनदास बैरागी बैरागी उम्र 29 वर्ष निवासी जूना नागदा को पुलिस ने गिरफतार किया है। इन दोनों ने मिलकर नितेश की हत्या गला घोटकर की थी। पुलिस के मुताबिक मृतक नितेश, व दोनों आरोपी राजेश व जगदीश एक निजी क्लीनिक पर कार्य करते थे। इस दौरान मृतक नितेश की मौसी की बेटी काल्पनिक नाम राधा निवासी रतलाम की दोस्ती फेसबुक पर राजेश से हुई। बाद में दोनों के बीच दोस्ती बढ़ती गई। एक दिन मेसेज के आपसी संवाद को राधा की बड़ी बहन ने देख लिए। उसने चुंकि यह मामला नागदा से जुड़ा था इसलिए राधा की बड़ी बहिन ने पूरा किस्सा नितेश को बताया। हालांकि नितेश को यह पहले से यह कहानी पता चल चुकी थी उसकी मौसी की बेटी एवं राजेश के बीच प्रेम है। इस मुद़दे को लेकर कई बार राजेश व नितेश के बीच तकरार भी हुई थी। अपने मार्ग से इस रोड़ा को हटाने के लिए राजेश ने एक दिन अपने साथी जगदीश के साथ मिलकर नितेश को मौत के धाट उतारने की योजना बनाई और वे सफ ल हुए। जहां पर ये तीनों लोग निजी क्लीनिक पर कार्य करते थे वहां पर ही नितेश की हत्या गले में गमछा डालकर की गई।


टीआई बदलने के बाद खुला राज


हाल में नागदा में श्याम चंद शर्मा आए है। इन्होंने इस घटना से जुड़े सीसीटीवी फ ुटेज में एक नई बात को पकड़ा। कुछ समय के लिए कैमरे बंद हुए थे। पहले के पुलिस अधिकारी वहां तक पहुंच रहे थेेकि नितेश दुघ की थैली लेकर घर चला गया था। लेकिन नवागत टीआई ने फ ुटेज में दूध की थैली को फ ुटेज में देखा और आरोपियों को पकडऩे में मदद मिली। पहले इन आरोपियों से पूछताछ पुलिस कर चुकी थी। जिसमें यह बाद सामने आई थीकि नितेश दूध की थेली लेकर घर चला गया था। लेकिन बाद में इस संकेत का आधार बनाकर पुलिस सफ ल हुई।

पुलिस द्वारा सुलझाये गए नीतीश हत्याकांड की गुत्थी पर एक प्रश्नचिह्न ये लगता हैं आरोपी मृतक के साथ एक ही दुकान पर कार्य किया करते हैं परन्तु उन्होंने सालभर से उसी दुकान पर कार्य कर रहे थे क्या उन्हें ज़रा भी भय नही रहा की उन्हें आज नही तो कल पुलिस पकड़ लेगी

आजतक तो सभी केस में आरोपी सबसे पहले उस जगह को छोड़ देते हैं जहाँ उन्होंने कोई कांड किया हो परंतु आरोपियों ने उस जगह को नही छोड़ा ऐसा क्यो पुलिस की कार्यवाही सही दिशा में हुई या फिर राजनीतिक दबाव में कार्यवाही गलत दिशा में हुई