October 31, 2020

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झूँठ का पुलिंदा है कश्मीर पर इमरान की टिप्पणी, सरकार का दावा,सच्चाई से कोसों दूर है यूएन में दिया गया बयान


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जम्मू-कश्मीर सरकार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू कश्मीर के हालात को लेकर की गई टिप्पणी को झूठ की कहानी बताया है। कहा कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद से राज्य में हालात पूरी तरह सामान्य हैं। 

जम्मू-कश्मीर सरकार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू कश्मीर के हालात को लेकर की गई टिप्पणी को झूठ की कहानी बताया है। कहा कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद से राज्य में हालात पूरी तरह सामान्य हैं। 

सरकार की ओर से जारी एक बयान में बुधवार को कहा गया कि इमरान खान संयुक्त राष्ट्र में आधा सच और जानबूझकर झूठ बोलकर, पूरी दुनिया का ध्यान खुद के आतंकी रिकॉर्ड से हटाने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारी ने कहा कि कश्मीर में कर्फ्यू और अव्यवस्था के बारे में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का बयान सच्चाई से बहुत दूर था। 

स्थानीय प्रशासन ने कुछ हिस्सों में उपद्रवियों पर नियंत्रण के लिए सीमित प्रतिबंध लगाए गए थे, उनकी आवाजाही रोकी गई थी जो एक सप्ताह के बाद बहाल कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे स्थितियां सामान्य होती गईं प्रतिबंध समाप्त कर दिए गए। अब लगभग पूरा राज्य प्रतिबंधों से मुक्त है।

कहीं किसी तरह की पाबंदियां नहीं
यह पूरी तरह से झूठ है कि यहां परोक्ष रूप से पाबंदियां लागू हैं। हकीकत यह है कि राज्य में सभी नागरिकों व बाहरी लोगों के साथ पत्रकारों को भी पूरी तरह की स्वतंत्रता है वह कहीं भी आ जा सकते हैं। यहां स्थिति पूरी तरह सामान्य है यह श्रीनगर में ट्रैफिक जाम, हवाई यात्रा, अस्पतालों में सामान्य कामकाज व नागरिक खाद्य आपूर्ति जैसी व्यवस्थाएं साबित करती हैं। घाटी में पांच अगस्त के बाद से मुठभेड़ को छोड़कर एक भी गोली नहीं चलाई गई।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू कश्मीर के हालात को लेकर की गई टिप्पणी को झूठ की कहानी बताया है। कहा कि पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद से राज्य में हालात पूरी तरह सामान्य हैं। विज्ञापन

सरकार की ओर से जारी एक बयान में बुधवार को कहा गया कि इमरान खान संयुक्त राष्ट्र में आधा सच और जानबूझकर झूठ बोलकर, पूरी दुनिया का ध्यान खुद के आतंकी रिकॉर्ड से हटाने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारी ने कहा कि कश्मीर में कर्फ्यू और अव्यवस्था के बारे में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का बयान सच्चाई से बहुत दूर था। 

स्थानीय प्रशासन ने कुछ हिस्सों में उपद्रवियों पर नियंत्रण के लिए सीमित प्रतिबंध लगाए गए थे, उनकी आवाजाही रोकी गई थी जो एक सप्ताह के बाद बहाल कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे स्थितियां सामान्य होती गईं प्रतिबंध समाप्त कर दिए गए। अब लगभग पूरा राज्य प्रतिबंधों से मुक्त है।

कहीं किसी तरह की पाबंदियां नहीं
यह पूरी तरह से झूठ है कि यहां परोक्ष रूप से पाबंदियां लागू हैं। हकीकत यह है कि राज्य में सभी नागरिकों व बाहरी लोगों के साथ पत्रकारों को भी पूरी तरह की स्वतंत्रता है वह कहीं भी आ जा सकते हैं। यहां स्थिति पूरी तरह सामान्य है यह श्रीनगर में ट्रैफिक जाम, हवाई यात्रा, अस्पतालों में सामान्य कामकाज व नागरिक खाद्य आपूर्ति जैसी व्यवस्थाएं साबित करती हैं। घाटी में पांच अगस्त के बाद से मुठभेड़ को छोड़कर एक भी गोली नहीं चलाई गई।

हाईवे पर सुचारू है यातायात
जम्मू को श्रीनगर से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 44 और उसके बाद कारगिल व लेह तक यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। एक हजार से अधिक वाहन प्रतिदिन खाद्यान्न, ईंधन व दवाइयां लेकर घाटी व लद्दाख जा रहे जबकि वापस लौटते समय वह सेब और हस्त शिल्प की चीजें यहां से दूसरे राज्यों में ले जा रहे हैं।

200 से ज्यादा पत्रकार कर रहे काम
राज्य में बीबीसी, वाशिंगटन पोस्ट, न्यूयॉर्क टाइम्स, एपीए, रायटर्स, डीडब्स्यूए व अल जजीरा सहित देश-दुनिया के सभी प्रमुख राष्ट्रीय प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लगभग 200 पत्रकार यहां स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। इससे साबित होता है कि यहां किसी तरह की पाबंदी नहीं है।

खास तबका फैला रहा ह्यूमन राइट्स का मुद्दा
अधिकारी ने कहा कि एक खास तबके द्वारा मानवाधिकारों के हनन की बात जानबूझकर फैलाी जा रही है जो पूरी तरह झूठ है। हकीकत यह है कि आतंकी स्थानीय लोगों को धमकियां देकर उन्हें सार्वजनिक जीवन व व्यापारिक गतिविधियों से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं जबकि लोग इसे पूरी तरह नजर अंदाज कर रहे हैं।

यही कारण है कि बारामुला जैसे इलाके में एक फल व्यवसायी के परिवार को गोली मार दी गई जिसमें चार साल की एक बच्ची भी शामिल। इस परिवार को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह सामान्य जिंदगी शुरू करना चाहता था। श्रीनगर के बाहरी इलाके में एक 65 वर्षीय दुकानदार की इसलिए हत्या कर दी गई कि वह अपनी दुकान खोलकर सामान्य आजीविका अर्जित करना चाहता था।

भारत में कानून का शासन
अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान की तुलना में भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है जहां कानून का शासन है और एक मजबूत स्वतंत्र लोकतांत्रिक, न्यायिक और मानवाधिकार संस्थागत तंत्र है।