October 28, 2020

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मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा:- मन्दसौर नीमच के किसानो को मिलेगा मुआवजा


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कन्हैयालाल सौलंकी मन्दसौर

मन्दसौर – मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने आज मंदसौर और नीमच जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौराा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात भी की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पूरे प्रदेश में बहुत अधिक बारिश हुई है। इस वर्षा से हमारे किसान भाई सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उनकी फसलें और मकान नष्ट हो हैं और बड़ी संख्या में पशुहानि भी हुई है।

यह एक प्राकृतिक एवं दैवीय आपदा है, इस पर हमारा बस नहीं है, परन्तु मुसीबत की इस घड़ी में मैं अपनी पूरी सरकार के साथ आपके साथ हूं, हमने जिला प्रशासन को तत्काल नुकसान का सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्हें यह भी निर्देश दिये हैं कि सर्वे निष्पक्ष और शीघ्रता से किया जाए। हम आपको सभी फसलों के नुकसान में RBC 6 (4) के अंतर्गत जल्दी से जल्दी आर्थिक सहायता देंगे। हमने इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए भारत सरकार से भी राशि की मांग की है। परन्तु मैं आपको विश्वास दिलाता है कि, वहां से सहायता मिले या न मिले, राज्य सरकार आपकी सहायता के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी, चाहे हमें कहीं और महत्वपूर्ण कार्यों के बजट में कटौती क्यों न करना पड़े। वह फसल चाहे सोयाबीन की हो, मुँग की हो, उड़द की हो या केले या सब्जियों की हो सभी फसलों के नुकसान में आर्थिक सहायता देगे। RBC 6 (4) के नियमों अनुसार 2 हेक्टेयर कम भूमि वाले और 2 हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले पीडितों को 33 से 50 प्रतिशत फसल क्षति पर भिन्न-भिन्न फसलों एवं सिंचित/असिचित भूमि के आधार पर 8 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर से लेकर 26 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर तक एवं 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति पर भिन्न-भिन्न फसलों एवं सिचित/असिचित भूमि के आधार पर 16 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर से लेकर 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित किसानों के खातों में अगले 15 अक्टूबर तक सहायता राशि पहुँच जाए। इस बाढ़ से हजारों परिवारों का जमा राशन खराब हो गया है उनके सामने भोजन का संकट आ गया है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को बाढ़ पीड़ित परिवार को तत्काल 50-50 किलो अनाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर दवारा बताया गया कि पीडित परिवारों को यह राशन पहुंच गया है। मुझे यह अहसास है कि, अगले कुछ महीनों में भी बाढ़ पीडित परिवारों के सामने अनाज की समस्या रहेगी इसीलिए मैने अगले 6 माह तक पीडित परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए प्रति माह 5 किलो खाद्यान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस अतिवृष्टि से मकानों को भी बहुत नुकसान हुआ है। हमने इन पूर्णत: या अधिकतम क्षतिग्रस्त मकानों के लिए प्रति मकान 1 लाख रूपये की सहायता देने के निर्देश दिए है, इसमें 5 हजार रूपये कपड़े इत्यादि की क्षति के भी शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि, ऐसे लोग जिनके मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं और वे बेघरबार हो गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना में शामिल किया जाएगा और इस योजना में उनको मकान बनाने के लिए 1.50 लाख रूपये तक की राशि सरकार देगी।

बड़े पैमाने पर पशुओं की मृत्यु भी हुई है। इस भीषण बाढ़ मृत हुए पशुओं पर भी राहत राशि दी जाएगी। गाय, भैंस,ऊँट इत्यादि की हानि के लिए 30 हजार रूपये तक प्रतिपशु और भेड, बकरी इत्यादि के लिए रूपये 3000 प्रति पशु दिए जाएंगे। इसके अलावा गैर दुधारू पशु और गाय भैंस इत्यादि के बछड़ों की हानि के लिए भी सहायता राशि दी जाएगी। मुझे जानकारी मिली है कि, पशुओं की मृत्यु पर सहायता राशि के लिए उनका पोस्ट-मार्टम किया जाना आवश्यक है। परन्तु बाढ़ में कई किसानों के पशु बह गए है या बड़ी संख्या में मृत हुए है जिनका पोस्ट-मार्टम व्यवहारिक रूप से किया जाना संभव नहीं है। उन्होंने पश् क्षति पर राहत राशि पंचनामे के आधार पर ही देने के निर्देश दिए हैं। हमें यह जानकारी है कि किसानों के घरों में इस अत्यधिक वर्षा के कारण लगातार पानी भरा रहा है और अगले रबी के सीजन के लिए उन्होंने गेहूं, चना, सरसों, मटर, मसूर, अलसी इत्यादि के बीजों का भण्डारण किया था वह भी खराब हो गया है। हमारी सरकार इसकी पूरी व्यवस्था करेगी। आगामी रबी की फसल के लिए उच्च गुणवत्ता के सभी फसलों के बीज किसान भाईयों को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाएगा। हमने विगत चुनाव में दिया गया अपना वचन निभाया है। किसान भाईयों के ऋण माफी के लिए हमने जय किसान फसल ऋण माफी योजना तत्काल प्रारंभ की।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि मंदसौर जिले में 40530 प्रकरण स्वीकृत हुए जिनमें लगभग 392 करोड़ के ऋण माफ हए है। आपके जिले के लिए पचास हजार रूपये तक की ऋण माफी की सीमा को 2 लाख रूपये तक बढ़ा दिया है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों के 2 लाख रुपये तक के सारे कर्ज अगले 15 अक्टूबर तक माफ कर दें। फसल बीमा योजना के तहत मंदसौर में 1,00,261 किसानों का फसल बीमा किया गया है। इन किसान भाईयों से फसल नष्ट होने की सूचनाएं विभाग को प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि, तेजी से व्यक्तिगत सर्वे करवाकर मुआवजा क्लेम करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने नीमच में कहा कि, हमने विगत चुनाव में दिया गया अपना वचन निभाया है। किसान भाईयों के ऋण माफी के लिए हमने जय किसान फसल ऋण माफी योजना तत्काल प्रारंभ की। नीमच जिले के 18158 प्रकरणों में 178 करोड़ से अधिक की ऋण माफ हुए हैं। उन्होंने कहा कि, नीमच के लिए पचास हजार रूपये तक की ऋण माफी की सीमा को 2 लाख रुपये तक बढ़ा दिया है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सहकारी एवं ग्रामीण बैंकों के 2 लाख रूपये तक के सारे कर्ज अगले 15 अक्टूबर तक माफ कर दे।

फसल बीमा योजना के तहत नीमच जिले में 54361 किसानों का बीमा किया गया है। जिसमें 14315 किसानों से विभाग को सूचना प्राप्त हुई है और व्यक्तिगत सर्वे प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि, तेजी से व्यक्तिगत सर्वे करवाकर मुआवजा क्लेम करने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की विपदा को देखते हुए हमारी सरकार ने बिजली बिलो के संबंध में भी राहत देने का फैसला किया है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में “नया सवेरा” योजना की पात्रता में आने वाले परिवारों को 3 माह के बिजली के बिल के बराबर राशि रूपये 300 की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। अर्थात् सरकार इन परिवारों के खाते में 3 माह के बराबर बिजली के बिल की राशि रूपये 300 जमा करेगी। इसके अलावा इस योजना की पात्रता में नहीं आने वाले पीडितों के विदयुत बिल की प्रति परिवार 1000 रुपये की की राशि सरकार उनके खाते में पहंचाएगी।

बाढ़ के इस प्रकोप से हमारे स्कूल जाने वाले नन्हे-मुन्ने भी अछूते नहीं रहे हैं। हमने यह निर्णय लिया है कि, जिन बच्चों की कॉपी-किताबें बाढ़ में नष्ट हो गई हैं, उनको हमारी सरकार नई कॉपी-किताब उपलब्ध कराएगी। बड़ी संख्या में सड़कों और पुलों के खराब होने से लोगों को बहुत परेशानी आ रही है। बिजली की व्यवस्था भी बिगड़ी हैं। मुख्यमंत्री ने पी.डब्लू., ग्रामीण विकास, बिजली विभाग, स्कूल शिक्षा एवं अन्य सभी सरकारी विभागों को जल्दी से जल्दी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये हैं । हमारी पहली प्राथमिकता सड़कों और पुलों की मरम्मत है। ऐसे पुल जिनमें आवागमन का है उनको तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करके यातायात शुरू करने के निर्देश दिये हैं। इस कार्य में पैसे की कमी नहीं आने दी जायेगी।