June 6, 2020

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कोरोंटीन किए गए लोगों के इर्द गिर्द घूमने से प्रखण्ड पर मंडरा रहा है संकट का बादल* *

*कोरोंटीन किए गए लोगों के इर्द गिर्द घूमने से प्रखण्ड पर मंडरा रहा है संकट का बादल*

*दूसरे प्रदेशों से प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में घर वापस आ रहे हैं प्रवासी मजदूर*

*जिनको होम कोरोनटिन किया गया वो गांव की गलियों में करते हैं भर्मण

*अभिषेक सिंह कान्हाचट्टी*

कान्हाचट्टी : प्रखण्ड में अन्य राज्यो से आने वालों प्रवासी मजदूरों को किसी को होम कोरोंटीन तथा किसी को कोरोंटिन किया गया है ।लेकिन उनलोगो की मनमानी से प्रखण्ड पर संकट मंडरा रहा है। जिससे प्रखंडवासी दहसत में है,गौरतलब हो कि अन्य राज्य से आए लोग जिन्हें प्रशासन द्वारा 14 दिनों तक कोरोंटीन में रहने की सलाह दिया गया है लेकिन तमाम निर्देशों को दरकिनार करते हुवे लोग इधर उधर घूमते नजर आ रहे है जिससे यहां रह रहे लोगों के अंदर दहशत व्याप्त है, इतना ही नहीं जो लोग ट्रेन द्वारा आए हैं सिर्फ उन्हीं लोगों को कोरिनटिन किया गया है और बाकी अन्य साधनों से आए जैसे ट्रक पिकअप वैन आदि से आए बहुत लोग है जो कि चुपके से अपने घर में जा बैठे है हालांकि प्रशासन को जिनके बारे में जानकारी मिल रही है उनलोग को कोरोंटीन सेंटरो में भेजने का प्रयास कर रही है। लेकिन उसके बावजूद भी कई ऐसे लोग है जो चुपके से अपने घर में आराम से सो रहे है उन लोगों की यह करतूत से गांव वाले लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे है,ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रखण्ड को सुरक्षित रखना है तो इस पर कड़ी निगरानी रखते हुवे जो भी लोग आ रहे है चाहे जो भी संसाधन से आए सभी को 14 दिनों के लिए कोरोंटाइन किया जाय और जो भी कुछ उद्दंड लोग है जिन्हे कोरोंटीन में रहने का निर्देश दिया गया है लेकिन ओ सभी बातो को मजाक में लेते हुवे इर्द गिर्द घूम रहे है उन लोगों को प्रखंड से निकालकर जिला में कोरोंटीन किया जाए।बताते चलें कि सोमवार को महाराष्ट्र से 40 से 50 लोग प्रखण्ड में आए जिनमे अधिकांस को प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के प्रयास से सेंटरों में सेटअप किया गया है।हालांकि इसके बाद भी कुछ लोगो को अपने परिजन बाहर से आने के बाद भी घरो में छुपा रहे हैं।अभिभावक भी भारी भूल कर रहे है।मंगलवार को प्रखण्ड में लगभग 150 लोगो को महाराष्ट्र से आने की सूचना है।

फोटो,पिकप से पहुंचे प्रवासी मजदूर