June 6, 2020

BBC LIVE NEWS

सच सड़क से संसद तक

देश के शीर्ष पत्रकार संगठन वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया संबंध भारतीय मजदूर संघ के तत्वाधान में दिल्ली के स्वतंत्र पत्रकार एवम फोटो जर्नलिस्ट्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्या सुनी

देश के शीर्ष पत्रकार संगठन वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया संबंध भारतीय मजदूर संघ के तत्वाधान में दिल्ली के स्वतंत्र पत्रकार एवम फोटो जर्नलिस्ट्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समस्या सुनी

नई दिल्ली 12 मई (मनप्रीत सिंह खालसा):- आज देश के शीर्ष पत्रकार संगठन वर्किंग जॉर्नलिस्ट ऑफ इंडिया संबंध भारतीय मजदूर संघ के तत्वाधान में दिल्ली के स्वतंत्र पत्रकार एवम फोटो जर्नलिस्ट्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक का संचालन वरिष्ठ फोटो जॉर्नलिस्ट श्री वरुण अरोड़ा ने किया। इस बैठक में राष्ट्रीय महासचिव श्री नरेन्द्र भंडारी जी ने सभी की समस्याएं सुनी और मार्गदर्शन किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री संजय उपाध्याय ने भी सभी को संबोधित कर उत्साहित किया। किसी भी स्वतंत्र पत्रकार को समस्याएं नही आने दी जाएगी तथा मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास का आश्वाशन दिया। इस बैठक में दिल्ली के वरिष्ठ फोटो जॉर्नलिस्ट श्री राधाकृष्ण (दिल्ली), श्री नरेश कुमार (दिल्ली), श्री संदीप कुमार (दिल्ली), श्री विजेंद्र कुमार (नोएडा), श्री संजय शर्मा (फरीदाबाद), श्री मनोज कुमार (दिल्ली), श्री जगदीश प्रकाश (दिल्ली), श्री रूपेश सिंह (फरीदाबाद) ,श्री सुरेन्द्र द्विवेदी (गाज़ियाबाद), श्री सुनील सिंह (नोएडा), श्री सुनील सूर्यवंसी (फरीदाबाद) आदि मौजूद रहे। सबों को आपसी सहयोग और सहायता के साथ साथ अपनी सुरक्षा की कामना के साथ हीं बैठक का समापन हुआ।
प्रमुख मांगें:- वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ।
1) फ्रीलांस जर्नलिस्ट्स एवम फ्रीलान्स कैमरा पर्सन्स को 50 लाख का जीवन बीमा दिया जाए
2) इनका मीडिया कार्ड जारी कर अन्य मानित पत्रकारों जैसी सुविधा दी जाए।
3) फोटो जर्नलिस्ट्स, फ्रीलान्स कैमेरपेर्सन्स एवम अन्य स्वतंत्र पत्रकारों को निःशुल्क बस, मेट्रो यात्रा की सुविधा दी जाए।
4) इनकी नौकरी की सुरक्षा तथा ई इस आई कि सुविधा के साथ साथ साथ निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा दी जाए।
5) अन्य कोरोना फाइटर को दी जाने वाली सुविधा जैसी हीं सुविधा दी जाए
6) कोरोना काल की विपरीत आर्थिक परिस्थितियों से निपटाने के लिए कम से कम रु 10000/- मासिक भत्ता दिया जाए।