June 6, 2020

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पीटीसी न्यूज के कथित एजेंडे ने सैनी को दिलवाई जमानत: जीके

पीटीसी न्यूज के कथित एजेंडे ने सैनी को दिलवाई जमानत: जीके

नई दिल्ली 12 मई (मनप्रीत सिंह खालसा):- पंजाब पुलिस के पूर्व महानिदेशक सुमेध सैनी को भाई बलवंत सिंह मुलतानी को अगवा व गायब करने के मामले में मोहाली कोर्ट से सोमवार को मिलीं जमानत के तार पीटीसी न्यूज से जुड़े है। यह सनसनीखेज खुलासा ‘जागो’ पार्टी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने आज अपने फेसबुक पेज पर लाइव होकर किया। जीके ने बताया कि पंजाब पुलिस ने इस मामले में मुलतानी के भाई की जिस शिकायत के आधार पर सैनी के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज की है, उसमें सैनी के पुराने साथी गुरमीत सिंह पिंकी कैट के द्वारा 2015 में ‘आउटलुक’ मैगज़ीन के दिसंबर अंक में मुलतानी तथा अन्यों को सैनी द्वारा मारने के किए गए दावों को सैनी के खिलाफ सबूत के तौर पर पेश किया गया था। पिंकी कैट का उक्त इंटरव्यू वरिष्ठ पत्रकार कंवर संधू ने ‘आउटलुक’ के लिए किया था। पर उस समय सैनी के रसूख के कारण पिंकी कैट ने पीटीसी न्यूज को 2 दिन बाद दिए अपने इंटरव्यू में आउटलुक पर कहीं बातें दवाब में बोलने का दावा कर दिया था। जीके ने कहा कि पीटीसी न्यूज किसका है, यह बताने की जरूरत नहीं है और ना यह बताने की जरूरत है कि पिंकी कैट को ब्यान बदलने के लिए पीटीसी न्यूज के अलावा दूसरा कोई चैनल या अखबार क्यों नहीं मिला ?

दिल्ली कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जीके ने खुलासा किया कि सैनी के वकीलों ने शनिवार को मोहाली कोर्ट में पिंकी कैट के पीटीसी न्यूज को 2015 में दिए इंटरव्यू को सैनी के बचाव में इस्तेमाल किया और दावा किया कि पिंकी आउटलुक को दिए ब्यान को पीटीसी पर मुकर गया है, इसलिए पिंकी कैट का दावा भरोसे के लायक नहीं है। सैनी के वकीलों की उक्त दलीलों को माननीय अदालत ने अपने 35 पेज के फैसले में पेज नंबर 13 पर अंकित किया है। फैसले को पढ़ने से साफ पता चलता है कि सैनी को जमानत दिलवाने में इस दलील ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जीके ने कहा कि पहले सैनी को सुखबीर सिंह बादल ने 5-6 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दरकिनार करके डीजीपी अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को नाराज करके लगाया था और फिर पिंकी कैट के खुलासे के बावजूद बल व छल से सैनी की कुर्सी को बरकरार रखने के लिए अपनी पार्टी के मुखपत्र का गैरजरुरी इस्तेमाल किया था। जीके ने हैरानी जताते हुए सवाल किया कि 1 बोरी चावल की देने के बाद फेसबुक पर लाइव होने वाले दिल्ली व पंजाब के अकाली आज सैनी पर हुई एफआईआर व जमानत मिलने पर मुँह में दही जमा कर चुप क्यों बैठे है ? जीके ने सिख कौम को पीटीसी न्यूज के कथित सिख विरोधी व्यवहार तथा गैर पेशेवर पत्रकारिता के माध्यम से एजेंडा चलाने की उसकी महारत से सावधान रहने की भी अपील की। जीके ने कहा कि श्री दरबार साहिब से सीधे गुरबाणी प्रसारण की आड़ में सिखों के घरों तक पहुँचा पीटीसी समूह आज सिर्फ बादल परिवार की गलत नीतियों को सही बताने का एजेंडा चलाने का माध्यम बना हुआ है। पिंकी कैट के खुलासे पर सूबा का गृहमंत्री होने के नाते सैनी व अन्य पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करने की सुखबीर बादल की जिम्मेदारी बनती थी, पर वो सैनी को बचाने के लिए अपने चैनल का इस्तेमाल करने की गुस्ताखी करके सिखों के साथ विश्वासघात कमाने में लगे थे।