October 28, 2020

BBC LIVE NEWS

सच सड़क से संसद तक

बाढ़ पीड़ित :- मजबूरी मे कुरकुरे, बिस्किट ही भोजन


Notice: Trying to get property of non-object in /home/innpicom/public_html/wp-content/themes/newsium/inc/hooks/hook-single-header.php on line 71

शाहिद नकवी प्रयागराज

प्रयागराज,21 सितम्बर।बाढ़ प्रभावित शहरी और ग्रामीण इलाकों के लोगों के सामने बसी बसायी गृहस्थी खराब होने का डर तो है साथ ही वर्तमान मे पेट भरने की भी एक बड़ी समस्या है।बेघर हो चुके लोग कैसे अपना और परिवार का पेट भरें ये बड़ा सवाल हर पीड़िता के सामने हैं।दूसरों की छते और अपने घर की छत पर पन्नी का साया ही उनका आशियाना है।इस लिए खाने को जो मिले वही सही है।शनीवार को भी बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों मे बेचैनी और उदासी छायी रही।सुबह से दोहर तक मे कई और मकान बाढ़ की चपेट मे आ गये हैं।तटीय इलाकों की एक -एक गली मे चार-पांच फुट पानी भरा हुआ है।बाढ़ प्रभावित लोगों की सही संख्या का फिलहाल कोई आंकड़ा नही है।स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक सलोरी,अल्लापुर ,बघाड़ा ,बेली गांव सहित कई अन्य मोहल्लों मे हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।करैलाबाग, एमएल कांवेन्ट स्कूल, नया रसूलपुर, इस्लाम नगर,आजाद नगर,गौसनगर, जेके आशियाना और जेके नगर के अलावा अन्य इलाकों मे करीब दस हजार घर इस समय कम या ज्यादा पानी मे डूबे हैं।यानी शहर की एक लाख की आबादी अनुमानित बाढ़ प्रभावित है।
        मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के दौरों के बाद राहत और बचाव कार्य मे तेजी आयी है। शनिवार को शहर के करैली क्षेत्र के इस्लाम नगर ,नया रसूलपुर आदि इलाकों मे जिला प्रशासन ने एसडीएम की निगरानी मे राहत टीम भेजी।लोगों की परेशानी का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस की निगरानी मे राहत सामग्री बांटी जा रही है।करैलाबाग क्षेत्र मे करैलाबाग चौकी इंचार्ज प्रदीप पाल की टीम इस संवाददाता को कई जगह मुस्तैद मिली।नाव पर भी पुलिस की टीम रहती है।प्रशासन ने मिट्टी का तेल,दवाएं, बोतलबंद पानी और खाने के पैकेट बांटे।स्थानीय लोगों ने बताया कि खाने मे खराब ना होने वाले सामान बिस्किट, कुरकुरे और दूसरे आइटम रहते हैं।प्रशासन की राहत सब तक नही पहुंच पा रही है।एक लम्बी प्रक्रिया के बाद ही सरकारी सहायता आती है।लेकिन स्थानीय लोग अपने स्तर पर पूड़ी सब्जी के ताजे पैकेट बांट रहे हैं,जो लोगों की जरुरत भर के लिए काफी नही है।कुछ चिकित्सक भी अपनी ओर से दवाओं के साथ नाव पर जा कर घरों मे बंद लोगों का चेकअप कर के जरूरी दवा दे रहे हैं।भले ही नदियों के बढ़ने की रफ्तार धीमी हो गई हो लेकिन दो-तीन दिन तक पानी उतरने के आसार नही हैं।लोगों ने ये भी बताया कि मोहल्ले के लोग सुबह -शाम ताजे खाने के पैकेट दे रहे हैं।बाढ़ के स्थाई निदान की भी लोग मांग कर रहे हैं।बाढ़ ने फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है।शहर मे एक दर्जन से अधिक राहत शिविर शुरु किये गये हैं।