October 23, 2020

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दिल्ली महिला आयोग ने स्पा में सेक्स रैकेट बंद करने के लिए नगर निगम को भेजा गया सम्मन


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रवि डालमिया दिल्ली

दिल्ली की महिला आयोग प्रमुख ने स्पा में सेक्स रैकेट बंद करने के लिए नगर निगम को भेजा गया सम्मन

एंकर -दिल्ली महिला आयोग ने सघन रूप से दिल्ली भर में स्पा सेंटरों का निरीक्षण किया और उसमें बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस स्पा सेंटर में चल रहे सेक्स रैकेट के मामलों में दिल्ली में 4 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और कई लड़कियों को बचाया गया है।

वीओ – 1 दिल्ली महिला आयोग ने 9 सितंबर को मामले में एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को तलब किया था और उन्हें निर्देश दिया था कि स्पा में सेक्स रैकेट को तुरंत बंद किया जाए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि तीनों नगर निगम उचित कदम उठाएंगे और अपने लाइसेंसिंग प्रक्रिया में बदलाव कर यह सुनिश्चित करेंगे कि स्पा और मसाज सेंटर में सेक्स रैकेट न चलें।

वीओ – 2 यह निर्देश दिया गया कि स्पा में किसी भी तरह कि सेक्सुअल एक्टिविटी पर रोक लगाई जाए। वर्तमान में नगर निगम द्वारा बिना किसी ठोस जांच के ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से स्पा चलाने के लिए लाइसेंस दिया जा रहा है। यह निर्णय लिया गया कि अब उचित मानवीय जांच के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाएगा जिसे पुलिस आयुक्त द्वारा एनओसी देने के बाद ही दिया जायेगा, जैसा कि चेन्नई में तमिलनाडु सरकार द्वारा किया जा रहा है।

इसके अलावा, क्रॉस-जेंडर मसाज के साथ-साथ अन्दर से बंद कुण्डी वाले कमरों में मालिश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा और इसे लाइसेंस देने के लिए प्राथमिक शर्त के रूप में शामिल किया जाएगा।

स्पा का समय केवल सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक रखा जाएगा और स्पा में आने वाले सभी ग्राहकों के आईडी प्रूफ लिए जाएंगे।

वीओ 3 – वर्तमान में, अगर अधिकारी किसी स्पा के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, तो सपा का मालिक उसी परिसर में दूसरे नाम से एक और लाइसेंस प्राप्त कर लेता है। सपा सेण्टर के कर्मचारी और प्रबंधक भी वही रहते हैं, और वहां पर वेश्यावृत्ति और अन्य अवैध गतिविधियां बेरोकटोक जारी रहती हैं। इसलिए नगर निगमों द्वारा की गई कार्रवाई अब परिसर के पते पर आधारित होनी चाहिए| साथ ही स्पा के मालिकों के आधार नंबर / पैन नंबर कि जानकारी दर्ज करनी चाहिए ताकि एक ही व्यक्ति जिस पर एक बार गलत काम करने के लिए कार्यवाही की गयी हो, उसको अन्य नाम या अन्य पते पर फिर से स्पा खोलने की अनुमति न मिल सके।

मसाज पार्लर में नौकरी पाने से पहले कर्मचारियों का उचित पुलिस सत्यापन और अनिवार्य योग्यताएं भी होनी चाहिए। रिकॉर्डिंग की सुविधा वाला सीसीटीवी कैमरा भी स्पा में लगाया जाये और नगर निगम और पुलिस द्वारा स्पा सेन्टरों का साप्ताहिक निरीक्षण किया जाये।

इसके अलावा एमसीडी को एक विशेष क्षेत्र में स्पा सेंटरों कि संख्या सीमित करने के लिए तरीकों को ढूंढना चाहिए। उदाहरण के लिए, एक मॉल के भीतर या किसी विशेष सड़क पर कई स्पा सेन्टर स्थित हैं, ये नहीं होने चाहिए।

बैठक में उठाये गए बिन्दुओं पर नगर निगम द्वारा कि गयी कार्यवाही के बारे में जानकारी मांगने के लिए तीनों नगर निगम के आयुक्तों को बुलाया गया है। साथ ही, उनसे पिछले 4 वर्षों में नगर निगम द्वारा किए गए निरीक्षणों की जानकारी भी मांगी गई है।

मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार दिल्ली महिला आयोग कि कार्रवाई के बाद, साउथ एमसीडी ने स्पा सेंटर पर एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें इनमें से कुछ बिंदु शामिल हैं। हम इसका स्वागत करते हैं, मगर बाकी एमसीडी ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके अलावा सपा सेंटर में गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए केवल एडवाइजरी ही नहीं बल्कि उनकी लाइसेंसिंग प्रक्रिया में उचित बदलाव और साथ ही कानून को को ठीक से लागू करने की आवश्यकता है।

दिल्ली महिला आयोग कि अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, “हमें एमसीडी और पुलिस का काम करना पद रहा है। इन स्पा सेंटर को मशरूम की तरह बढ़ने ही क्यों दिया गया? एमसीडी इतने सालों से क्यों सो रही थी? बंद दरवाजों के पीछे क्रॉस सेक्स मालिश की अनुमति क्यों मिली? इन स्पा को चलाने से पहले पुलिस से कोई एनओसी क्यों नहीं ली गई? इन गैरकानूनी गतिविधियों पर आंख मूंदकर एमसीडी और पुलिस ने कितनी कमाई की है? उनके पास जवाब देने के लिए बहुत कुछ है। हालाँकि साउथ एमसीडी ने मामले में एक एडवाइजरी जारी करने का दावा किया है, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि दिल्ली महिला आयोग द्वारा सूचीबद्ध सभी बिंदुओं को इसमें शामिल किया जाए। इसके अलावा, अन्य एमसीडी अभी भी सो रहे हैं और उन्हें भी कार्यवाही करनी होगी। इसके अलावा प्रत्येक स्पा में नगर निगम क्यों नहीं जा सकता है, वह आयोग को आश्वस्त करे कि अब कोई सेक्स रैकेट नहीं चल रहा है? “

बाइट – स्वाति मालीवाल अध्यक्ष महिला आयोग दिल्ली

बाइट – रोहित मेहरिवल नेता विपक्ष edmc