October 31, 2020

BBC LIVE NEWS

सच सड़क से संसद तक

71वें गणतंत्र दिवस को तेतुलिया (निरसा) धनबाद के जामिया उम्में हानी लिल्बनात मदरसा में बहुत ही धूमधाम से मनाया गया


Notice: Trying to get property of non-object in /home/innpicom/public_html/wp-content/themes/newsium/inc/hooks/hook-single-header.php on line 71

*71वें गणतंत्र दिवस को तेतुलिया (निरसा) धनबाद के जामिया उम्में हानी लिल्बनात मदरसा में बहुत ही धूमधाम से मनाया गया*
:गणतंत्र दिवस के अवसर पर मदरसा के दैनिक व् आवासीय छात्राओं ने शिक्षा से जुड़े प्रेरणादायक नाट्य का प्रसुत कर लोगो को बेहतर सन्देश दिया व् नाते कलाम सुनायी तथा सुंदर रूप से अपने नाटक के द्वारा “मां-बाप बहुत अनमोल का संदेश” भी दिया जो आकषर्ण का मुख्य केन्द्र रहा। बच्चियो की प्रतिभा को देखकर मुख्य अतिथि तथा सभी उपस्थित लोग का मन मोह लिया । एक नाटक जिसका नाम था – “आम का पेड़ ” जिसमें सभी बच्चियो ने बखूबी तरीके से किरदार निभाया साथ ही देश के स्वतंत्रता में बलिदान देने वाली विभूतियों को नमन किया गया !
जामिया उम्में हानी लिल्बनात के संस्थापक सह संचालक हाजी मोहम्मद समी उल्लाह साहब की पहल और सोच की जितनी तारीफ और सराहना किया जाए वो कम होंगी। उन्होने समाज के सामने एक मिसाल कर दी कि “हमारे बहने भी किसी से कम नहीं है,बस उन्हें सही दिशा और गाइडलाइंस की जरूरत है “।
पत्रकार से वार्ता करते हुवे हाजी मोहम्मद समी उल्लाह ने कहा मैं गणतंत्र दिवस के इस बड़े अवसर पर हमारे देश के बारे में कुछ कहने के लिए काफी उत्साहित हूं। आज हम सभी अपने राष्ट्र का 71 वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। 15 अगस्त 1947 से भारत को स्वतंत्रता मिली, जिसे स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत की संविधान सभा में 24 नवंबर 1947 को भारत का संविधान पारित हुआ। लेकिन 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ, इसलिए हम 26 जनवरी को हर साल भारत के गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। और 24 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाते हैं। गणतंत्र का मतलब देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति है और देश को सही दिशा में ले जाने के लिए एक राजनीतिक नेता के रूप में अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करने का अधिकार केवल जनता को है। इसलिए, भारत एक गणतंत्र देश है। जहाँ हम लोग अपने नेताओं को राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, आदि के रूप में चुनते हैं। हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारी स्वतंत्रता को वापस पाने के लिए बहुत संघर्ष किया है। उन्होंने संघर्ष किया है ताकि उनकी आने वाली पीढ़ी बिना संघर्ष के जी सके और देश को आगे बढ़ा सके।
अंत उपस्तिथ सभी लोगो ने एक साथ देश में अमन चैन के लिए दुवाए की!