October 26, 2020

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जेएनयू छात्र संघ चुनाव के लिए वोटों की गिनती पूरी, नतीजों का इंतजार


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खास बातें

  1. एनयू छात्र संघ चुनाव के लिए वोटों की गिनती पूरी.
  2. अब नतीजों का इंतजार है.
  3. 17 सितंबर को कोर्ट में सुनवाई होगी.

नई दिल्ली: 

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ की चुनाव समिति ने रविवार रात नौ बजे मत पत्रों की गिनती पूरी कर ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय को परिणाम जारी करने से रोक दिया था. चुनाव समिति ने मतपत्रों की गिनती करने का निर्णय लिया लेकिन यह तय किया कि केंद्रीय पैनल के अंतिम 150 मतों के रूझान और काउंसलर पद के अंतिम 50 मतों के रूझान सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे. समिति ने कहा, ‘‘जेएनयूएसयू चुनाव समिति ने केंद्रीय पैनल के सभी पदों और स्कूलों के काउंसलर पदों के लिए मतपत्रों की गिनती आठ सितंबर को रात नौ बजे तक पूरी कर ली.” समिति ने बताया कि दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा छह सितंबर को दिए आदेश के मुताबकि अंतिम परिणाम रोका जा रहा है. 

दरअसल 2 छात्रों ने कोर्ट में याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि बिना कारण बताए ही उनका नामांकन रद्द कर दिया गया. मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी. समिति ने कहा, ‘‘जेएनयूएसयू चुनाव समिति ने डीन ऑफ स्टूडेंट्स से तत्काल मुलाकात का वक्त मांगा ताकि लिफाफे में परिणाम औपचारिक रूप से जमा किए जाएं.” जैसे ही रूझान आने शुरू हुए वैसे ही विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों ने डफली बजाना और अपने उम्मीदवारों के लिए नारे लगाना शुरू कर दिया.

पिछले साल की अपेक्षा इस साल ज्यादा मत पाने वाले छात्र संगठनों ने भी इसे नैतिक जीत बताते हुए जश्न मनाना शुरू कर दिया. इसके अलावा कुछ संगठन ऐसे भी हैं जिन्होंने इस बात में ही संतुष्टि तलाशा कि उन्होंने वामपंथी छात्र संगठनों को उनके गढ़ में चुनौती दी. शुक्रवार को आयोजित छात्र संघ के चुनाव में कुल 67.9 फीसदी मतदान हुआ जो पिछले सात वर्षों में सबसे ज्यादा है.

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने गठबंधन में यह चुनाव लड़ा है. इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से सम्बद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने भी केंद्रीय पैनल के सभी चार पदों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.

वहीं कांग्रेस से संबद्ध नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने सिर्फ अध्यक्ष पद ही उम्मीदवार खड़े किए थे.
बिरसा आंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बापसा) ने अध्यक्ष और महासचिव पद पर उम्मीदवार खड़े किए हैं.